Iqbal Maidan controversy: भोपाल में ऐतिहासिक इकबाल मैदान का नाम बदलने को लेकर विवाद जारी है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो के बयान के विरोध में ऑल इंडिया मुस्लिम त्यौहार कमेटी ने मैदान में जोरदार प्रदर्शन किया और बयान को भड़काऊ बताया।

Iqbal Maidan controversy: अल्लामा मुहम्मद इकबाल विश्व प्रसिद्ध शायर
इस दौरान समिति के संरक्षक शमशुल हसन ने कहा कि इस तरह के बयान देश में तनाव का माहौल पैदा करते हैं। उन्होंने कहा कि अल्लामा मुहम्मद इकबाल विश्व प्रसिद्ध शायर रहे हैं, जिन्होंने “सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा” जैसा तराना लिखा, जिसे आज भी देशभर में गर्व के साथ गाया जाता है। ऐसे में उनके नाम पर बने मैदान को लेकर इस तरह की टिप्पणी उचित बिल्कुल सहीं नहीं है।
सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश
समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष मो. दानिश खान ने इसे सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश बताया। और कहा कि इस तरह के मुद्दे समाज के लिए खतरा बन सकते हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े नामों को बदलने के बजाय सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
प्रियंक कानूनगो ने कहा था- इकबाल मैदान कलंक है
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने एक्स पर एक वीडियो अपलोड किया था। इसमें वे इकबाल की फोटो पोस्ट करते हुए कह रहे हैं कि क्या पाकिस्तान के नाम का प्रस्ताव रखने वाले इकबाल के नाम पर भोपाल में कोई मैदान होना चाहिए। यह हमारे माथे पर कलंक है।
1930 में इकबाल ने रखा था अलग मुस्लिम राज्य का विचार
अल्लामा मुहम्मद इकबाल ने सबसे पहले भारत के उत्तर-पश्चिम में मुस्लिम बहुल क्षेत्रों को मिलाकर एक अलग मुस्लिम राज्य का विचार प्रस्तुत किया था। उन्होंने 1930 में मुस्लिम लीग के इलाहाबाद अधिवेशन में अध्यक्षीय भाषण में इस अलग राष्ट्र की अवधारणा (कांसेप्ट) रखी थी। इकबाल ने अपने प्रसिद्ध इलाहाबाद भाषण में सांप्रदायिक तनाव के समाधान के रूप में अलग मुस्लिम मातृभूमि का विचार दिया।
