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बच्चे देते हैं खुद के साथ हुए Abuse का संकेत, अनदेखा न करें

himani Shrotiya June 5, 2025
Signs of Child Abuse: बच्चों का मन कोमल और नाजुक होता है। बचपन में उनके साथ जैसा व्यवहार होता है, वह उनके भविष्य को गहरे रूप से प्रभावित करता है। माता-पिता हमेशा चाहते हैं कि उनके बच्चे सुरक्षित और खुशहाल जीवन जिएं, लेकिन दुर्भाग्यवश हर बच्चे को यह भावनात्मक और शारीरिक सुरक्षा नहीं मिल पाती। बच्चों के साथ होने वाला दुर्व्यवहार (Child Abuse) उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डालता है। इसके खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 4 जून को इंटरनेशनल डे ऑफ इनोसेंट चिल्ड्रन विक्टिम्स ऑफ एग्रेशन मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य बच्चों के खिलाफ होने वाले अत्याचारों को रोकना और उनके अधिकारों की रक्षा करना है।

बच्चों के साथ गलत बिहेव का प्रभाव

बच्चों के साथ होने वाला शारीरिक या भावनात्मक दुर्व्यवहार उनके आत्मविश्वास, मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक व्यवहार को प्रभावित करता है। यह दुर्व्यवहार कई रूपों में हो सकता है, जैसे शारीरिक मारपीट, उपेक्षा, भावनात्मक शोषण या यौन शोषण। ऐसे अनुभव बच्चों के मन पर स्थायी निशान छोड़ सकते हैं, जो बड़े होकर उनके व्यवहार और रिश्तों को प्रभावित करते हैं। इसलिए, माता-पिता और समाज का दायित्व है कि वे बच्चों को सुरक्षित माहौल दें और उनके साथ होने वाले किसी भी तरह के अत्याचार को पहचानें।

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Signs of Child Abuse: अब्यूज के संकेत

बच्चों में दुर्व्यवहार के कुछ स्पष्ट संकेत होते हैं, जिन्हें ध्यान देकर हम समय रहते उनकी मदद कर सकते हैं। निम्नलिखित संकेतों पर ध्यान देना जरूरी है:

  • शारीरिक संकेत: शरीर पर असामान्य चोटें, निशान, कट या जलन के निशान, जो बार-बार दिखें और बच्चा उनके बारे में स्पष्ट जवाब न दे।
  • इमोशनल संकेत: बच्चे का अचानक डरना, चुप रहना, लोगों से दूरी बनाना या आत्मविश्वास की कमी।
  • बिहेव में बदलाव: स्कूल में खराब प्रदर्शन, गुस्सा, चिड़चिड़ापन या अकेले रहने की आदत।
  • शारीरिक स्वास्थ्य: बार-बार बीमार पड़ना, भूख न लगना या नींद में परेशानी।
  • सामाजिक व्यवहार: दूस,linebreak दोस्तों या परिवार से डरना, असामान्य शर्मीलापन या आक्रामक व्यवहार।

इन संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह बच्चे की सुरक्षा के लिए जरूरी है।

Signs of Child Abuse: इमोशनल अब्यूज के संकेत

बिस्तर गीला करना- बच्चा अचानक से बिस्तर गीला करने लगे और इसका कोई शारीरिक कारण न हो, तो यह स्ट्रेस या इमोशनल अब्यूज का संकेत हो सकता है।

साइकोसोमैटिक शिकायतें- बार-बार सिरदर्द, पेट दर्द या मतली जैसी समस्याएं, इसका कोई मेडिकल कारण नहीं होता, इमोशनल स्ट्रेस की ओर इशारा करती हैं।

विकास में रुकावट- अगर बच्चे का विकास उम्र के हिसाब से कम विकसित है, तो यह नेगलेक्ट या इमोशनल अब्यूज का संकेत भी हो सकता है।

ज्यादा अग्रेसिव व्यवहार या डिप्रेशन- बच्चे में चिड़चिड़ापन, आत्महत्या के ख्याल, खुद को नुकसान पहुंचाना या नशीली चीजों को लेना।

ज्यादा सफाई- अगर बच्चा हमेशा डरा हुआ रहता है, ज्यादा शांत या साफ-सुथरा रहता है, तो यह इमोशनल अब्यूज का संकेत हो सकता है।

खेलते वक्त असामान्य व्यवहार- बच्चा खेलते समय हिंसक व्यवहार दिखाए या फिर घर में सुने गए नेगेटिव शब्दों की नकल करता है।

जागरूकता और रोकथाम की जरूरत

इंटरनेशनल डे ऑफ इनोसेंट चिल्ड्रन विक्टिम्स ऑफ एग्रेशन बच्चों के अधिकारों की रक्षा और दुर्व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाने का मौका देता है। समाज को मिलकर बच्चों को सुरक्षित माहौल देने की जिम्मेदारी लेनी होगी। इसके लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा सकते हैं:

  • जागरूकता फैलाएं: माता-पिता, शिक्षक और समुदाय को बच्चों के साथ दुर्व्यवहार के संकेतों के बारे में शिक्षित करें।
  • सुरक्षित माहौल: बच्चों को ऐसा वातावरण दें, जहां वे अपनी बात खुलकर कह सकें।
  • कानूनी कार्रवाई: दुर्व्यवहार के मामलों में तुरंत शिकायत दर्ज करें और कानूनी मदद लें।
  • परामर्श और सहायता: बच्चों को काउंसलिंग और भावनात्मक समर्थन प्रदान करें।

एक सुरक्षित भविष्य के लिए कदम

Signs of Child Abuse: बच्चे किसी भी देश का भविष्य होते हैं। उनके साथ होने वाला दुर्व्यवहार न केवल उनके जीवन को प्रभावित करता है, बल्कि पूरे समाज पर असर डालता है। इंटरनेशनल डे ऑफ इनोसेंट चिल्ड्रन विक्टिम्स ऑफ एग्रेशन हमें याद दिलाता है कि बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। माता-पिता, शिक्षक, और समाज को मिलकर बच्चों के लिए एक सुरक्षित और प्यार भरा माहौल बनाना होगा, ताकि उनका बचपन खुशहाल और सुरक्षित रहे।

About the Author

himani Shrotiya

Editor

हिमानी Nation Mirror में एसोसिएट प्रोड्यूसर पद पर है। राजनीति और क्राइम में काफी दिलचस्पी है। रिपोर्टिंग, एंकरिंग, स्क्रिप्टिंग और एडिटिंग सब कर लेते है।

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