

घायलों का अस्पताल में इलाज
हादसे में घायल हुए 9 लोगों को तत्काल एमवाय अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। घायलों की स्थिति के बारे में अभी तक कोई विस्तृत जानकारी नहीं मिली है, लेकिन अस्पताल प्रशासन और चिकित्सक उनकी देखभाल में जुटे हैं। स्थानीय प्रशासन ने घायलों को हर संभव चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।

Building collapse Indore: अंधेरे में डूबा इलाका
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गए। जेसीबी मशीनों की मदद से मलबे को हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए बचाव दल पूरी तत्परता से काम कर रहे हैं। रात के समय होने के बावजूद बचाव कार्य में कोई कमी नहीं रखी जा रही है। आसपास के इलाकों की बिजली आपूर्ति को सुरक्षा के लिहाज से काट दिया गया है ताकि कोई और हादसा न हो।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की तत्परता
हादसे की गंभीरता को देखते हुए इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव, कलेक्टर और पुलिस कमिश्नर तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और बचाव कार्यों का निरीक्षण किया। महापौर ने कहा कि प्रशासन पीड़ितों के साथ है और सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। कलेक्टर ने स्थानीय लोगों से शांत रहने और बचाव कार्य में सहयोग करने की अपील की है। पुलिस कमिश्नर ने भीड़ को नियंत्रित करने और बचाव कार्यों में बाधा न आने देने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है।

इमारत ढहने के कारण
Building collapse Indore: प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इमारत पुरानी थी और हाल की बारिश ने इसकी नींव को और कमजोर कर दिया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि इमारत में पहले से ही दरारें दिखाई दे रही थीं, लेकिन इस ओर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि पुरानी इमारतों की नियमित जांच और रखरखाव की कमी इस तरह के हादसों का कारण बनती है। प्रशासन ने अब आसपास की अन्य इमारतों की सुरक्षा जांच के आदेश दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
