स्टेटस रिपोर्ट देने 5 दिन का अल्टीमेटम
इंदौर के एमवाय अस्पताल में चूहों के कुतरने से हुई दो नवजातों की मौत को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया। न्यायमूर्ति विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति जेके पिल्लई की युगल पीठ ने इसे नवजातों के मौलिक अधिकार और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा मामला मानते हुए सरकार को नोटिस जारी किया।
स्टेटस रिपोर्ट के लिए 5 दिन का अल्टीमेटम
न्यायमूर्ति विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति जेके पिल्लई की युगल पीठ ने इस मामले को नवजातों के मौलिक अधिकारों और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा मानते हुए स्वतः संज्ञान लिया।कोर्ट ने यह भी नोट किया कि सफाई और पेस्ट कंट्रोल करने वाली निजी कंपनी एजाइल सिक्योरिटी के खिलाफ ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई, जबकि उसकी लापरवाही से यह दर्दनाक हादसा हुआ।
अस्पताल अधीक्षक छुट्टी पर रवाना
हाईकोर्ट का रुख देखते हुए प्रमुख सचिव ने एजाइल कंपनी को हटाने के निर्देश दे दिए। पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. बृजेश लाहोटी को पद से हटा दिया। प्रभारी एचओडी डॉ. मनोज जोशी को सस्पेंड कर दिया है।
हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
वर्तमान स्थिति क्या है?
अब तक किन-किन जिम्मेदारों पर क्या-क्या कार्रवाई की गई है?
जांच समिति और रिपोर्ट
चार सदस्यीय जांच समिति ने रिपोर्ट दी थी 3 सितंबर को गठित चार सदस्यीय जांच समिति ने मेडिकल एजुकेशन कमिश्नर तरुण राठी को रिपोर्ट दी थी, जिसके आधार पर प्रमुख सचिव संदीप यादव ने एचएलएल इंफ्राटेक सर्विसेज (HITES) को एजाइल सिक्योरिटी का अनुबंध रद्द करने के निर्देश दिए। एजाइल को अस्पताल की सफाई, सुरक्षा और पेस्ट कंट्रोल की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
Read: ट्रम्प ने भारतीय की हत्या की निंदा की: नागमल्लैया की मौत ने सबको झकझोर दिया
Watch: Bhopal Anganwadi की बदहाल हालत – बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा पर बड़ा संकट | Nation Mirror रिपोर्ट
