Indore Number One Cleanliness Eighth Time: भोपाल बना देश की सबसे स्वच्छ राजधानी
स्वच्छता में फिर देश के सिरमौर बने मध्यप्रदेश के शहर
Indore Number One Cleanliness Eighth Time : स्वच्छ भारत मिशन के तहत इस वर्ष के स्वच्छता पुरस्कार 2024 में मध्यप्रदेश एक बार फिर देशभर में छा गया है। प्रदेश के कुल 8 शहरों को विभिन्न श्रेणियों में 17 जुलाई 2024 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा सम्मानित किया जाएगा। सबसे बड़ा गौरव एक बार फिर इंदौर को मिलने जा रहा है, जिसे सुपर स्वच्छ लीग श्रेणी में लगातार आठवीं बार पहला स्थान मिला है।
इंदौर को लगातार 8वीं बार सम्मान
इंदौर शहर, जिसने पहले भी लगातार 7 बार देश का सबसे स्वच्छ शहर होने का गौरव हासिल किया, अब सुपर स्वच्छ लीग की लिस्ट में भी अपनी बादशाहत कायम रखने जा रहा है। इस श्रेणी में शहरों का मूल्यांकन केवल वर्तमान नहीं, बल्कि बीते वर्षों की निरंतरता, जनभागीदारी, और भविष्य की तैयारियों के आधार पर किया गया है। इंदौर की इस सफलता के पीछे उसका ठोस कचरा प्रबंधन, कचरा से कंपोस्ट और बायोगैस बनाना, और नागरिकों की सक्रिय भूमिका जैसे कई महत्वपूर्ण पहल हैं।
भोपाल बनी देश की सबसे स्वच्छ राजधानी
इस बार का एक और बड़ा आकर्षण रहा भोपाल, जिसे देश की सबसे स्वच्छ राजधानी घोषित किया गया है। भोपाल की यह उपलब्धि केवल नगर निगम के प्रयासों की नहीं, बल्कि आम नागरिकों की स्वच्छता के प्रति जागरूकता का भी प्रतिफल है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मौके पर कहा कि, “स्वच्छता के क्षेत्र में मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘स्वच्छ भारत मिशन’ को पूरी निष्ठा से आगे बढ़ा रहा है।”
उज्जैन, बुधनी, देवास और जबलपुर भी होंगे सम्मानित
मध्यप्रदेश के उज्जैन को इस बार 3 से 10 लाख जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में स्वच्छता पुरस्कार मिलेगा। वहीं 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में बुधनी नगर परिषद को भी सम्मान मिलेगा। इनके अलावा ग्वालियर, देवास, शाहगंज और जबलपुर जैसे शहरों को भी विशेष प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने दी बधाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि, “यह केवल सरकारी व्यवस्था नहीं, आमजन, सफाई मित्रों, जनप्रतिनिधियों, महापौर, पार्षदों और अफसरों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है।” उन्होंने कहा कि स्वच्छता सिर्फ पुरस्कार जीतने का माध्यम नहीं बल्कि जनजागरण, स्वास्थ्य और संस्कार का प्रतीक है। यह हमारी संस्कृति का हिस्सा बन चुका है।
रैंकिंग सिस्टम में बदलाव
इस बार स्वच्छता की रैंकिंग जारी करने की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है। नगरीय विकास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे के अनुसार, पहले जिन शहरों ने लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है, उनकी एक अलग “सुपर स्वच्छ लीग” बना दी गई है। इसके तहत ही इंदौर को प्रथम स्थान दिया गया है। इससे अलग श्रेणियों को शहरों की जनसंख्या के आधार पर बांटा गया है और उसी के अनुरूप मूल्यांकन किया गया है।
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