
Indore Hotel Fake Currency Note Factory : फिल्म ‘फर्जी’ से मिला आइडिया, फेसबुक पर बनाई गैंग
Indore Hotel Fake Currency Note Factory : इंदौर में नकली नोट बनाने की फैक्ट्री का पर्दाफाश हुआ है. फैक्ट्री शहर के एक होटल के कमरे में चल रही थी और इसे पढ़े-लिखे बेरोजगार युवक नकली चला रहे थे।
नकली नोट की फैक्ट्री
खुलासा तब हुआ, जब होटल स्टाफ को शक हुआ और उसने मास्टर चाबी से रूम खोला। जो नजारा दिखा, वह चौंकाने वाला था। कमरे में प्रिंटर, लेमिनेटर, कम्प्यूटर और लाखों के नकली नोट बिखरे थे। सूचना मिलने पर क्राइम ब्रांच ने दबिश देकर पूरे रैकेट का भंडाफोड़ किया। छिंदवाड़ा का अब्दुल शोएब उर्फ छोटू आर्ट एंड डिजाइन से ग्रेजुएट है। वह लंबे समय से बेरोजगार था। पिता पर बड़ा कर्ज था। उसने ऑनलाइन फर्जी करेंसी से जुड़े ग्रुप्स खंगालना शुरू किए और यहीं उसकी पहचान द्वारकाके मयूर चम्पासे हुई..
फिल्म ‘फर्जी’ से आया आइडिया
मयूर ने शोएब को एक खास सॉफ्टवेयर मुहैया कराया, जो असली नोट की हूबहू कॉपी तैयार कर सकता था। इसमें वाटरमार्क, सीरियल नंबर और रंगों तक का मिलान था। सोशल मीडिया से जोड़े बेरोजगार साथी शोएब ने रहीश खान प्रफुल्ल कोरी जैसे साथियों को जोड़ा, जो या तो मामूली काम करते थे या बिल्कुल बेरोजगार थे। बाद में भोपाल के आकाश घारु और मेडिकल स्टोर संचालक शंकर चौरसिया भी इस रैकेट से जुड़ गए। सारा नेटवर्क फेसबुक के जरिए जुड़ा था। सॉफ्टवेयर, हाई क्वालिटी प्रिंटर, लेमिनेशन मशीन, बटर पेपर, कटिंग टूल्स और अन्य उपकरण खरीदे गए।
जल्दी अमीर बनने के चाहत ने बनाया आरोपी
जल्दी अमीर बनना चाहते थे इंदौर के अनुराग नगर स्थित होटल इंटरनिटी में तीन युवक नकली नोट छाप रहे हैं। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए होटल के रूम नंबर 301 में दबिश दी। यहां से अब्दुल शोएब, रहीश खान और प्रफुल्ल कुमार कोरी को गिरफ्तार किया। कमरे की तलाशी के दौरान उनके बैग से 500-500 रुपए के 100 नकली नोट और नोट छापने के उपकरण बरामद किए गए।
3 लाख 85 हजार के नकली नोट जब्त
भोपाल के युवकों पर था नोट सप्लाई का जिम्मा आरोपियों ने बताया कि उनके दो साथी भोपाल में नकली नोटों की सप्लाई का काम कर रहे हैं। इसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम भोपाल पहुंची। वहां से आकाश घारु और शंकर चौरसिया को 3 लाख 85 हजार रुपए के नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया। उन्होंने स्वीकार किया कि उनका संपर्क नोट छापने वाली छिंदवाड़ा गैंग से फेसबुक के माध्यम से हुआ था। छिंदवाड़ा की गैंग छपाई का काम करती थी जबकि भोपाल की गैंग नोट बाजार में खपाने की जिम्मेदारी संभालती थी।
अब्दुल शोएब मास्टरमाइंड
इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड अब्दुल शोएब है। क्राइम ब्रांच ने 15 अप्रैल को पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया था और 17 अप्रैल को छठे आरोपी की गिरफ्तारी के साथ गिरोह की परतें पूरी तरह उजागर कर दी गईं।’मास्टर की’ ने खोला नकली नोट फैक्ट्री का राज डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश त्रिपाठी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया- आरोपी होटल के दो कमरों में नकली नोट छाप रहे थे। होटल स्टाफ के एक मेंबर को शक हुआ। जब आरोपी कमरे में नहीं थे, उसने मास्टर की से रूम का ताला खोला। वीडियो बनाकर क्राइम ब्रांच को भेजा। जिस पर टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
Read More :- Barwani: डॉक्टर का गजब कारनामा !
Click this:- Download Our News App For Latest Update and “Follow” whatsapp channel
Watch Now:- Nation Mirror Exclusive: ग्राउंड जीरो पर पहुंचा Nation Mirror
