इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी ने लोगों की नींद उड़ा दी है. सोमवार को पानी से पीने के बाद 35 से ज्यादा लोग बीमार हुए. इनमें से 75 साल के नंदलाल पाल की मंगलवार सुबह वर्मा हॉस्पिटल में मौत हो गई. डॉक्टरों का कहना है कि उनकी मौत कॉर्डियक अरेस्ट के कारण हुई, हालांकि उन्हें 28 दिसंबर को दूषित पानी पीने के कारण भर्ती कराया गया था.
लगातार बढ़ रहे मरीज
मंगलवार को पांच नए मरीज आए और दो को डिस्चार्ज किया गय. अभी यहां 20 मरीज भर्ती हैं, जबकि अन्य को त्रिवेणी हॉस्पिटल में स्थानांतरित किया गया है. भागीरथपुरा में पिछले एक हफ्ते में लगभग डेढ़ सौ लोग उल्टी और दस्त की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे हैं.
सीएम ने लिए संज्ञान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले का तुरंत संज्ञान लिया और प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए. सोमवार रात मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अस्पताल पहुंचे और मरीजों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि सभी का इलाज प्रशासन वहन करेगा और जिन लोगों ने पहले पैसे जमा कराए हैं, उन्हें वापस किए जाएंगे.
स्वास्थ्य विभाग की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे दूषित पानी से बचें और उल्टी-दस्त की स्थिति में तुरंत नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें।
