भागीरथपुरा में एक और मौत
कुछ दिन पहले अनिता को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया था। शुरुआत में इसे सामान्य संक्रमण बताया जा रहा था। लेकिन धीरे-धीरे उनकी दोनों किडनियां फेल हो गईं। उनकी हालत इतनी नाजुक हो गई कि उन्हें वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। इलाज के दौरान उन्हें हार्ट अटैक भी आ गया, जिसके बाद उनकी हालत और बिगड़ती चली गई और रविवार को उन्होंने दम तोड़ दिया।

उल्टी-दस्त की थी शिकायत
उनके बेटे नीलेश ने बताया कि उन्हें पहले से कोई बीमारी नहीं थी। 28 दिसंबर को उल्टी-दस्त के कारण अनिता को भाग्यश्री हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था। 2 दिन बाद डिस्चार्ज होकर घर पर लाया गया, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उनकी हालत फिर बिगड़ी। उन्हें 1 जनवरी को अरबिंदो हॉस्पिटल में एडमिट किया गया। यहां से उन्हें 4 जनवरी को बॉम्बे हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया था। इसके बाद उनकी हालत और बिगड़ती गई।
Indore Contaminated Water Death: 2 मरीज अभी भी गंभीर
भागीरथपुरा में दूषित पानी से अब तक 32 मौतें हो चुकी हैं। इस मामले में 450 से ज्यादा मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज किए जा चुके हैं, लेकिन दूसरी ओर 3 मरीज अब भी एडमिट हैं। इनमें से 2 ICU में हैं। उनकी हालत काफी क्रिटिकल बनी हुई है। हैरानी की बात यह है कि अब तक 32 लोग जान गंवा चुके हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में सिर्फ 16 मौतें ही दर्ज हैं।

पाइप लाइन का काम अंतिम दौर में
Indore Contaminated Water Death: इलाके के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर अभी मरीज आ रहे हैं, लेकिन डायरिया के मरीजों की संख्या कम हो गई है। रोज एक या दो मरीज आते हैं, लेकिन उन्हें एडमिट करने की जरूरत नहीं पड़ी। क्षेत्र में 2 एम्बुलेंस भी तैनात हैं। इलाके में एक दिन छोड़कर 30% हिस्से में पानी का सप्लाय अभी भी जारी है। निगम का कहना है कि पानी अब साफ आ रहा है लेकिन रहवासी अभी भी RO और टैंकर का पानी ही यूज कर रहे हैं। दूसरी ओर बचे हुए 70% हिस्से की मेन पाइप लाइन का काम अंतिम दौर में पहुंच गया है। इसके बाद यहां लीकेज टेस्ट करने के साथ सैंपल लिए जाएंगे।
