Indonesia: इंडोनेशिया, जहा एक वक्त पर हिंदू राजा श्रीविजया का साम्राज्य था, यहां 7वीं सदी में हिंदु और बौद्ध धर्म का अच्छा खासा प्रभाव था। अगर आज की बात करे तो इंडोनेशिया मुस्लिम देश बन गया है। लेकिन कैसे आज इस वीडियो में जानेंगे। दक्षिण पूर्व एशिया में फैले 17 हजार द्वीप..जो प्रशांत और हिंद महासागर को काटते हुए करीब 3000 मील तक फैले है। लाखों साल पहले फूटे ज्वालामुखी ने यहा की जमीन को उपजाऊ बनाया, फिर पनपे जंगल..धीरे धीरे यहां जिंदगी बसने लगी..हिंदूओं ने यहां अपना डेरा जमा लिया।
Indonesia: मुस्लिम आबादी वाला सबसे देश
अलग-अलग द्वीपों पर राजाओं का शासन था। हिंदू और बौद्ध धर्म के मंदिर बनाए गए। लोग यहां आराम से रह रहे थे। इस वक्त यहां महिलाओं को पूरी स्वतंत्रता थी। महिलाओं का राज भी था और उन्हें अपना पति चुनने का अधिकार भी। सदियां बीत गई, फिर एक दिन अरब व्यापारियों की नजर इन द्वीपों पर पड़ी…लेकिन कोई खून-खराब नहीं हुआ। अरब के लोगों ने यहां ऐसे कदम जमाए की आज ये द्वीप सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाले देश के नाम से जाना जाता है।
आत्माओं की होती थी पूजा
400 से ज्यादा active ज्वालामुखी घिरे ये द्वीप जहां एक वक्त पर हैं। इस वजह से यहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं। यहां का जावा द्वीप..जहां एक वक्त पर पवित्र आत्माओं का निवास माना जाता था। यहां रहने वाले कबीले इन आत्माओं को अपना रक्षक मानकर पुजते थे। फिर यहां भारतीय व्यापारियों का आना हुआ, ये लोग culture, विचारधारा, और परंम्पराए भी अपने साथ लेकर आए। और यहां के लोगों को देवताओं और राजाओं के कांसेप्ट के बारे में बताया। हिंदू व्यापारियों ने यहां अपना साम्राज्य बसाने का सपना देखा और यहां के लोगों ने भी साथ दिया। जो इलाका आत्माओं को पुजता था वहां धीरे-धीरे महादेव, विष्णु, और बुद्ध को पूजा जाने लगा। बड़े बड़े मंदिर बन गए। यहीं पर दुनिया का सबसे बड़ा बौद्ध मंदिर बोरोबुदुर और ब्रम्हानंद जैसे मंदिर बनाए गए।
इंडोनेशिया में इस्लाम की एंट्री
अरब में सांतवी श्ताब्दी में पैगंबर मौहम्मद की मौत हो गई। उनकी मौत के बाद इस्ताम को दुनिया भर में फैलाया जाने लगा। खलीफाओं ने इसका जिम्मा संभाला और व्यापार के जरीए इस्लाम का प्रचार करने लगे। आठवीं शताब्दी आते- आते मध्य एशिया उत्तरी अफ्रीकी, और मीडिल ईस्ट में इस्लाम धर्म को माना जाने लगा था। इस वक्त को गोल्डन एज ऑफ इस्लाम भी कहा जाता है। इसके बाद एक खुशबु ने अरब व्यापारियों को इंडोनेशिया के तट पर खिंचा..वो खुशबू थी मसालों की।
Indonesia: कौन थे वली संगो
धीरे धीरे इस्लाम दूसरे तटो पर भी पैर पसारने लगा। जो सदियों पुराने धर्म के पतन का कारण बना। जावा में 15 वीं 16 वीं शताब्दी में इस्लामीकरण का दौर रहा। इस बीच वली संगो इस्लाम का प्रचार प्रसार करने आगे आए। वली संगो का मतलब होता है नौ मोलवी दोस्त…इन नौ मौलवीयों को इस्लाम का प्रचार प्रसार करने का जिम्मा सौंपा गया। उस वक्त वहां छाया कठपुतली का खेल मशहुर था। जिसे आज के जमाने में शेडो पपेट्री के नाम से जानते है। मतलब अंधेरे में दिए जलाकर छाया से कहानी बताना। ये तट पर काफी मशहूर थी। इस कहानी से उस वक्त महाभारत रामायण की कहानी बताई जाती थी। इसी लोक कला का सहारा लेकर नौ मौलवी अपने culture को लोगों तक पंहुचाने लगे। धीरे धीरे कठपुतलियों के जरीए इस्लामिक कहानिया सुनाई जाने लगी। लोगों में इन कहानियों को जानने का इंट्रेस्ट बढ़ने लगा और लोग कब मनोरंजन के जरीए धर्म परिवर्तन के करीब पहुंच गए ये पता ही नहीं चला। आज भी यहां के लोग इनकी कब्रों पर प्रार्थना करने जाते है।
व्यापार के जरीए एंट्री, फिर बने राजा
16वी शताब्दी तक यहां नीदरलेंड़ ने अपनी पैठ बना ली लरीका वहीं..व्यापार के जरीए एंट्री फिर राजाओं को अधीन कर खुद राजा बन जाना। लेकिन इनका राज करने का तरीका अलग था..ये किसानों पर जूर्म करते थे..इस दौर में इंडोनेशिया में डच के खिलाफ विद्रोह चल रहा था। यही से इंडोनेशिया की आजादी की जंग शुरू हुई। दूसरे विश्व युद्ध के बाद तटों पर जापानी कब्जा हो गया। इसके बाद इंडोनेशिया के नेताओं ने आजादी के नई जंग लड़ी और 17 अगस्त 1945 को इंडोनेशिया को आजाद घोषित कर दिया।
Indonesia: अब सवाल उठा की ये इस्लामिक देश हो या धर्म निरपेक्ष गणराज्य..कुछ नेता इस्लामिक देश बनाने की बात कर रहे थे तो कुछ धर्मनिरपक्ष। 1945 में इंडोनेशिया एक देश था जो सभी धर्मों को बराबर मानता था। अमेरिका की तरह इंडोनेशिया में भी राष्ट्रपति सिस्टम है। वहीं देश का मुखिया होता है। और आज ये देश सबसे बड़ा इस्लाम धर्म को मानने वाला देश बन गया है।
