रूस में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। 7 फरवरी को बश्किर स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में हुई चाकूबारी की घटना ने हालात की गंभीरता उजागर कर दी। इस हमले में चार भारतीय छात्र घायल हुए, और इसके बाद रूस में भारतीय छात्रों के साथ हो रहे शोषण और उत्पीड़न की पुरानी शिकायतें फिर से चर्चा में आ गई हैं। इसी बीच विदेश मंत्रालय के ताजा आंकड़ों ने चौंकाने वाली तस्वीर पेश की है। दुनिया भर में भारतीय छात्रों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों में से आधे से ज्यादा मामले अकेले रूस से जुड़े हुए हैं।
2025 में 350 शिकायतें, 200 से ज्यादा सिर्फ रूस से
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, साल 2025 में 196 देशों में पढ़ रहे भारतीय छात्रों ने शोषण, उत्पीड़न और नस्लीय भेदभाव को लेकर करीब 350 शिकायतें दर्ज कराईं। इनमें से 200 से ज्यादा शिकायतें रूस में पढ़ने वाले छात्रों की थीं। यह आंकड़ा पिछले तीन सालों में लगातार बढ़ता गया है। 2023 में ऐसे 68 मामले सामने आए थे। 2024 में यह संख्या बढ़कर 78 हो गई और 2025 में यह आंकड़ा सीधे 201 तक पहुंच गया, यानी लगभग तीन गुना। इन आंकड़ों ने न सिर्फ छात्रों परिवारों की चिंता बढ़ाई है, बल्कि सरकार और एजुकेशन कंसल्टेंट्स की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
मेडिकल पढ़ाई का हब, लेकिन सुरक्षा पर सवाल
रूस लंबे समय से भारतीय छात्रों के लिए मेडिकल पढ़ाई का बड़ा केंद्र रहा है। खासकर राजस्थान, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल और तमिलनाडु से हजारों छात्र हर साल रूस जाते हैं। कम फीस, आसान एडमिशन और बिना एंट्रेंस एग्जाम जैसे कारण इसे आकर्षक बनाते हैं। लेकिन अब यही विकल्प कई छात्रों के लिए परेशानी की वजह बनता दिख रहा है।
यूनिवर्सिटी प्रशासन पर भी आरोप
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई भारतीय छात्रों का कहना है कि उन्हें सिर्फ दूसरे देशों के छात्रों से ही नहीं, बल्कि यूनिवर्सिटी प्रशासन की तरफ से भी मानसिक दबाव झेलना पड़ता है। छात्रों का आरोप है कि छोटी-छोटी बातों पर कॉलेज से निकालने की धमकी दी जाती है। कई बार वीजा और पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं का डर दिखाया जाता है। एक बड़ी समस्या यह भी है कि छात्र खुलकर शिकायत नहीं कर पाते। उन्हें डर रहता है कि शिकायत करने से उनका वीजा, डिग्री या भविष्य खतरे में पड़ सकता है।
चाकूबारी की घटना ने डर बढ़ाया
बश्किर स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर चुके एक पूर्व छात्र ने बताया कि हॉस्टल की रसोई में मामूली बहस के बाद कुछ विदेशी छात्रों ने भारतीय छात्रों पर हमला कर दिया। चाकू दिखाकर उन्हें डराया गया, और मामला काफी देर तक तनावपूर्ण बना रहा। हालांकि इस घटना में जान का नुकसान नहीं हुआ, लेकिन यह साफ हो गया कि हालात कितने नाजुक हैं।
