Railway Parcel Leasing Rules: भारतीय रेलवे ने पार्सल लीजिंग एवं एग्रीगेटर पंजीकरण से जुड़े नियमों को सरल एवं उदार बनाया है। इससे व्यापार और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बड़ी राहत मिली है। इन सुधारों का उद्देश्य पार्सल स्पेस का अधिकत्तम उपयोग, तेज व किफायती ढुलाई उपलब्ध कराना तथा अधिक व्यापारियों को रेलवे नेटवर्क से जोड़ना है।
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Railway Parcel Leasing Rules: नए नियम से बढ़ेगा व्यापार
नए नियमों से व्यवसायिक भागीदारी बढ़ेगी, वही जबलपुर, भोपाल एवं कोटा मंडलों में पार्सल बुलाई और अधिक तेज़, सुरक्षित व किफायती बनेगी। छोटे एवं नए कारोबारियों को भी लीजिंग में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
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ये हैं नए नियम
न्यूनतम टर्नओवर की बाध्यता समाप्त होगी।
एग्रीगेटर रजिस्ट्रेशन शुल्क में होगी भारी कमी
लीजिंग एवं ई-ऑक्शन की वित्तीय शर्तें सरल हो गई है।
पार्सल संचालन शर्तों में बदलाव हुआ।
तेज, सुरक्षित और किफायती पार्सल सेवा
एग्रीगेटर्स व ट्रांसपोर्टर्स के लिए अधिक आय संभावनाएं
देशभर में व्यावसायिक अवसरों का विस्तार
लोडिंग क्षमता का बेहतर उपयोग
व्यापारियों की ही भूमिका होती थी, लेकिन अब छोटे मझोले
व्यापारियों को भी इसमें शामिल किया गया है।
