Education And Food Security Bill: केंद्र सरकार मनरेगा के बाद UPA सरकार के समय बने 2 बड़े कानूनों- शिक्षा का अधिकार और खाद्य सुरक्षा कानून में सुधार करने की तैयारी कर रही है। केंद्र सरकार चाहती है कि इन योजनाओं का लाभ हर सही व्यक्ति तक पहुंचे और लाभार्थियों का रजिस्ट्रेशन हो।
2 कानून में बदलाव
सरकार पहले इन कानूनों से जुड़े नियमों और आदेशों में सुधार करने की कोशिश करेगी। अगर इससे परिणाम सही नहीं मिले, तो संसद में नए संशोधन विधेयक भी लाए जा सकते हैं। इसके साथ ही केंद्र सरकार यह भी विचार कर रही है कि आवास के अधिकार को एक कानूनी अधिकार का दर्जा मिले।

Education And Food Security Bill: कानूनों में 3 कमियां
परामर्श प्रक्रिया से जुड़े अधिकारी के मुताबिक, मनमोहन सिंह सरकार के वक्त बनाए गए कानूनों में 3 बड़ी खामियां सामने आई –
- शिक्षा का अधिकार होने के बावजूद भी हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिली
- खाद्य सुरक्षा कानून में जरूरतमंद परिवार तक राशन नहीं पहुंच सका।
- योजनाओं के क्रियान्वयन में लीकेज और अपात्र लाभार्थियों की समस्या लगातार बनी रही।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं में लीकेज खत्म हो, लाभ समय पर और सही लाभार्थी तक पहुंचे और कोई भी पात्र नागरिक योजना से वंचित न रहे।

सरकार के लक्ष्य
केंद्र सरकार ने शिक्षा, खाद्य सुरक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और आवास इन 5 बुनियादी जरूरतों को लेकर 3 ठोस लक्ष्य –
- योजना की पूरी कवरेज के लिए समय-सीमा तय
- डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए रियल टाइम मॉनिटरिंग
- हर नागरिक की पहचान और राष्ट्रव्यापी रजिस्ट्रेशन अभियान
सरकार का मानना है कि किसी योजना को कानूनी अधिकार बना देना काफी नहीं, जब तक उसका जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन न हो।
क्या है खाद्य सुरक्षा और मानक कानून, 2006?
खाद्य सुरक्षा कानून का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है। इसके लिए एक प्रमुख केंद्रीय कानून लागू है। यह भारत का मुख्य खाद्य कानून है। इस कानून के तहत Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) की स्थापना की गई। यह कानून किसानों और खाद्य उत्पादकों, प्रोसेसिंग यूनिट्स, ढाबा, रेस्टोरेंट, थोक और खुदरा विक्रेताओं, स्ट्रीट फूड विक्रेताओं, समेत सभी ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर लागू होता है।
यदि कोई इस उल्लंघन करता है तो उस पर ₹10 लाख तक का जुर्माना, लाइसेंस रद्द, गंभीर मामलों में जेल जैसी कार्रवाई होती है।
शिक्षा का अधिकार कानून, 2009
Education And Food Security Bill: शिक्षा का अधिकार कानून, 2009 के तहत भारत में 6 से 14 वर्ष तक के हर बच्चे को निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार प्राप्त है। यह अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21A में है। कानून 1 अप्रैल 2010 से पूरे देश में लागू किया गया था। बता दे, कॉलेज और विश्वविद्यालय इस कानून के दायरे में नहीं है। 14 साल से ज्यादा उम्र के छात्र इसमें शामिल नहीं होते हैं।
क्या खत्म हो जाएगी मनरेगा योजना? सरकार ला रही नया बिल, नया नाम ‘जी राम जी’ योजना
MGNREGA scheme G RAM G Bill: सरकार ने मनरेगा योजना का नाम बदल दिया है। अब महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना का नया नाम ‘जी राम जी’ योजना होगा। केंद्र सरकार इसको लेकर संसद बिल लाएगी।

बिल के मुताबिक, पिछले 20 सालों में MGNREGA ने ग्रामीण परिवारों को रोजगार दिया, लेकिन गांवों में हुए सामाजिक-आर्थिक बदलावों को देखते हुए इसे और मजबूत करना बेहद जरूरी है। पूरी खबर..
