Government obscene content crackdown: केंद्र सरकार अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्मस और सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ सख्त हो रही है। सरकार ने चेतावनी देते हुए अश्लील कंटेंट के बारे में एडवाइजरी जारी की है। जिसमें कहा गया कि यदि वे अपने प्लेटफॉर्म पर अश्लील, अभद्र, बाल यौन शोषण से जुड़ी और अन्य प्रकार की गैरकानूनी सामग्री पर तुरंत रोक लगाए। अगर ऐसा नहीं किया गया तो उन्हें कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ेगा।
केस होगा दर्ज
अगर सोशल मीडिया कंपनियां नियमों का पालन नहीं करेंगी, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। सिर्फ कंपनियां ही नहीं, बल्कि प्लेटफॉर्म और यूजर्स पर भी केस दर्ज किया जा सकता है।
कैसे कंटेंट पर कार्रवाई
सरकार का कहना है कि कई प्लेटफॉर्म गलत और अश्लील कंटेंट को पहचानने और हटाने में ढिलाई बरत रहे हैं। इसलिए अब कंपनियों को ऐसे कंटेंट पर कार्रवाई करनी होगी। सरकार चाहती है कि सोशल मीडिया पर कोई भी व्यक्ति ऐसा कंटेंट डाले या शेयर न करें जो
- अश्लील हो
- पोर्नोग्राफिक हो
- बच्चों के यौन शोषण से जुड़ा हो
- बच्चों के लिए नुकसानदायक हो
- किसी भी तरह से कानून के खिलाफ हो।
Government obscene content crackdown: 24 घंटे के अंदर रोक
एडवाइज़री में यह भी कहा गया कि अदालत के आदेश या सरकार अथवा उसकी अधिकृत एजेंसी से सूचना मिलने पर गैरकानूनी सामग्री को तुरंत हटाया जाना चाहिए। विशेष रूप से, किसी व्यक्ति को यौन कृत्य में दर्शाने वाले कंटेंट की शिकायत मिलने पर 24 घंटे के अंदर कार्रवाई करना अनिवार्य है।
