Indian Economy: भारत ने वैश्विक आर्थिक मंच पर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी इकोनॉमी का दर्जा प्राप्त कर लिया है। नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने यह जानकारी शनिवार को गवर्निंग काउंसिल की 10वीं बैठक के बाद साझा की। उन्होंने बताया कि भारत अब 4 ट्रिलियन डॉलर (4 Trillion Dollar Economy) की अर्थव्यवस्था बन चुका है और इसने जापान को पीछे छोड़ दिया है।

Indian Economy: भारत की आर्थिक ग्रोथ बनी रही मजबूत
सुब्रह्मण्यम ने बताया कि भले ही वैश्विक स्तर पर अमेरिका के टैरिफ (US Tariffs) और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कई चुनौतियाँ रही हों, लेकिन भारत की ग्रोथ पर इनका कोई खास असर नहीं पड़ा। यहां तक कि पाकिस्तान के साथ तनाव के दौरान भी भारत की अर्थव्यवस्था ने मजबूती से आगे बढ़ना जारी रखा। उन्होंने कहा कि भारत लगातार दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है।
एप्पल, टैरिफ और निर्माण को लेकर भी रखी राय
एप्पल आईफोन के निर्माण को लेकर पूछे गए सवाल पर सुब्रह्मण्यम ने कहा कि अमेरिका की नीति चाहे जो हो, लेकिन भारत निर्माण के लिए कम लागत वाली आकर्षक जगह बना हुआ है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिका शायद चाहेगा कि एप्पल आईफोन का उत्पादन उसी के देश में हो।
Indian Economy: एसेट मोनेटाइजेशन पर भी अपडेट
सुब्रह्मण्यम ने यह भी जानकारी दी कि परिसंपत्ति मुद्रीकरण योजना (Asset Monetization Plan) का दूसरा चरण तैयार किया जा रहा है, जिसकी घोषणा अगस्त 2025 में की जाएगी। यह योजना देश में इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश को और बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी।भारत की यह आर्थिक छलांग न केवल गर्व की बात है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि देश वैश्विक मंच पर इकोनॉमिक पावरहाउस बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। अब भारत की नजर जर्मनी को पीछे छोड़ने पर है, जो इस समय तीसरे स्थान पर है।
