Indian Astronaut Subhanshu Shukla ने Space से बच्चों को दी प्रेरणा
indian astronaut subhanshu shukla iss space-interaction students: भारत के पहले इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पहुंचने वाले एस्ट्रोनॉट शुभांशु शुक्ला ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश और केरल के चुनिंदा छात्रों से लाइव इंटरएक्शन किया। इस ऐतिहासिक संवाद में शुभांशु ने अंतरिक्ष में जीवन की चुनौतियों, आदतों और अनुभवों को बच्चों के साथ साझा किया।
वे AX-4 मिशन के तहत 26 जून को ISS पहुंचे हैं और 10 जुलाई को पृथ्वी पर लौटेंगे। उनसे संवाद के लिए उत्तर प्रदेश के 150 और केरल के कोझिकोड जिले के छात्रों को चुना गया था।
Zero Gravity Reality: खुद को बांधकर सोते हैं एस्ट्रोनॉट
जब एक छात्र ने पूछा कि अंतरिक्ष में कैसे सोते हैं, तो शुभांशु ने जवाब दिया:
“अंतरिक्ष में न फर्श होता है, न छत। इसलिए कोई दीवार पर सोता है, तो कोई छत पर। नींद के दौरान तैरते रहने से बचने के लिए खुद को बांधना पड़ता है।”
इस जवाब ने छात्रों को zero gravity sleeping experience की झलक दी।
Fitness in Space: योग और साइकल से रखते हैं खुद को फिट
अंतरिक्ष में microgravity की वजह से मांसपेशियों पर बुरा असर पड़ता है। शुभांशु ने बताया:
“रोज योग और एक्सरसाइज जरूरी है। यहां एक विशेष साइकल है जिसमें सीट नहीं होती। पैडल से खुद को बांधकर वर्कआउट करते हैं।”
उनका यह जवाब दर्शाता है कि कैसे Indian astronaut does yoga in ISS जैसे छोटे प्रयास भी जीवन को नियंत्रित रखते हैं।
Mental Health in Space: परिवार से संपर्क है जरूरी
एक छात्र ने पूछा कि मानसिक स्वास्थ्य कैसे संभालते हैं। शुभांशु बोले:
“हम तकनीक के जरिए परिवार और दोस्तों से जुड़े रहते हैं। ये भावनात्मक मजबूती देता है। लौटने पर फिर से पृथ्वी की ग्रैविटी के अनुसार शरीर को ढालना एक बड़ी चुनौती होती है।”
Food in Space: गाजर का हलवा और आम का रस ले गए थे साथ
शुभांशु ने बताया कि वे पैकेज्ड मील के अलावा कुछ खास भारतीय व्यंजन भी अपने साथ लाए हैं जैसे:
-
गाजर का हलवा
-
मूंग दाल हलवा
-
आम रस
उन्होंने यह भी बताया कि space food preferences में हर एस्ट्रोनॉट को वही खाना मिलता है जो वह ज़मीन पर पसंद करता है, ताकि शरीर आसानी से अनुकूलित हो।
Students Reaction: “शुक्ला सर से बात कर भविष्य की दिशा दिखी”
लखनऊ के एक छात्र ने कहा,
“शुक्ला सर जब ISS से गेंद से खेलते दिखे, वो पल अविस्मरणीय था। हमें पहली बार स्पेस में करियर की वास्तविक झलक मिली।”
इंटरैक्शन के दौरान छात्रों ने Subhanshu Shukla astronaut in ISS को चीयर किया और हाथ हिलाकर उनका स्वागत किया।
41 साल बाद भारतीय ने फिर से स्पेस में रखा कदम
1984 में राकेश शर्मा के बाद शुभांशु शुक्ला अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय और ISS पर जाने वाले पहले भारतीय हैं। यह मिशन NASA और ISRO की साझेदारी के तहत संभव हुआ।
Event में छात्रों को स्पेस करियर के लिए किया गया प्रेरित
कार्यक्रम के दौरान ISRO scientists ने भी छात्रों को स्पेस तकनीक, गगनयान मिशन और आने वाली चुनौतियों पर जानकारी दी।
इससे पहले गगनयान मिशन के लिए चुने गए अंतरिक्ष यात्री अंगद प्रताप सिंह से भी छात्रों ने बात की।
Watch Now :- भोपाल से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है..
Read More :- Pitra Dosh Nivaran in Sawan 2025: सावन में करें ये उपाय, पितृ दोष से मिलेगा छुटकारा!


