indian army recruitment shortfall officer vacancies 2025 : हर साल 60,000 रिटायर, 40,000 की भर्ती
indian army recruitment shortfall officer vacancies 2025 : भारतीय सेना में 1 लाख से ज्यादा सैनिकों की कमी का मुद्दा हाल ही में रक्षा मंत्रालय द्वारा संसद की स्थायी समिति को बताई गई रिपोर्ट में सामने आया है। अब तक सेना में कुल 12.48 लाख सैनिक हैं, जबकि स्वीकृत संख्या 13.5 लाख है, यानी 1 लाख से ज्यादा पद खाली हैं।
यह कमी खासतौर पर जूनियर कमीशन ऑफिसर (JCO) और नॉन-कमीशन ऑफिसर्स (NCO) के पदों पर है, जिसमें 92,410 पदों पर खाली स्थान हैं।
⚔️ ऑफिसर रैंक पर भारी कमी – 16.71% पद खाली
भारतीय सेना में ऑफिसर रैंक के 16.71% पद भी खाली हैं। 1 जुलाई 2024 तक के आंकड़ों के मुताबिक, सेना में 42,095 ऑफिसर्स (जिनमें मेडिकल कोर, डेंटल कोर और मिलिट्री नर्सिंग सर्विस को छोड़कर) हैं, जबकि स्वीकृत पदों की संख्या 50,538 है। इस कमी को जल्द से जल्द दूर करने के लिए अग्निपथ स्कीम को बढ़ावा दिया जा रहा है।
📉 हर साल 60,000 सैनिक रिटायर, भर्ती केवल 40,000
भारतीय सेना में हर साल करीब 60,000 सैनिक रिटायर होते हैं, जबकि भर्ती की प्रक्रिया में 40,000 सैनिकों को ही शामिल किया जा रहा है। कोविड-19 महामारी के दौरान, दो साल तक भर्ती पर पूरी तरह से रोक लग गई थी, जिससे सेना में 1.20 लाख सैनिकों की कमी हो गई है। इसके बावजूद, अग्निपथ योजना के तहत 40,000 सैनिकों की भर्ती की जा रही है, जो इस कमी को पूरा करने में पूरी तरह सक्षम नहीं हो पा रही है।
💡 अग्निपथ स्कीम – कैसे करेगा यह सेना में भर्ती में सुधार?
केंद्र सरकार ने 2022 में अग्निपथ स्कीम लॉन्च की थी, जिसके तहत आर्मी, नेवी और एयर फोर्स में चार साल के लिए भर्ती की जाती है। इस स्कीम के तहत, सैनिकों को 4 साल तक ट्रेनिंग दी जाती है, जिसमें 6 महीने की ट्रेनिंग भी शामिल होती है। इसके बाद, सैनिकों को उनकी कार्यक्षमता के आधार पर रेटिंग दी जाती है। 25% सैनिकों को परमानेंट सेवा दी जाती है, जबकि बाकी 75% को सुरक्षा सेवाओं में काम करने का मौका दिया जाता है।
⚙️ सीधे भर्ती में क्या बदलाव किए गए हैं?
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Ssb इंटरव्यू के मौके बढ़ाए गए हैं।
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भर्ती की प्रक्रिया को तेज़ किया गया है, जिससे सैनिकों की कमी को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके।
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ऑफिसर ट्रेनिंग एकेडमी (OTA) में नई ट्रेनिंग विंग्स की शुरुआत की गई है।
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टेक्निकल एंट्री स्कीम (TES) को भी 3+1 साल के मॉडल में बदला गया है, जिससे ट्रेनिंग का समय कम हुआ है।
🧑💼 सैनिक भर्ती के साथ-साथ ऑफिसर रैंक की भी भर्ती में सुधार
भारतीय सेना में ऑफिसर रैंक की वैकेंसी हर साल एग्जिट और वेस्टेज के आधार पर निकाली जाती है। ऑफिसर्स की भर्ती प्रक्रिया में भी सुधार किया गया है, जिससे और अधिक संख्या में युवा इस क्षेत्र में अपनी सेवा दे सकें।
📈 सैनिकों की भर्ती में समस्या का समाधान – क्या होगा आगे?
अग्निपथ स्कीम के तहत भर्ती की प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है और सैनिकों की कमी जल्द पूरी होने की संभावना है। मंत्रालय का कहना है कि जैसे-जैसे स्कीम आगे बढ़ेगी, पदों को भरने में मदद मिलेगी। इस स्कीम के तहत हर साल 40,000 सैनिकों की भर्ती की योजना है, जिससे धीरे-धीरे सेना की ताकत में वृद्धि होगी।
🏅 क्या करें अग्निपथ स्कीम के तहत भर्ती के लिए?
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भारत में युवा उम्मीदवारों को आवेदन करने के लिए अग्निपथ योजना के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
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सेना भर्ती रैली में भाग लेने के लिए पंजीकरण कराएं।
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विशेष रूप से, ऑफिसर रैंक के उम्मीदवारों को IMA (Indian Military Academy) में ट्रेनिंग के लिए तैयारी करनी चाहिए।
🧑💻 सेना के लिए आने वाले साल चुनौतीपूर्ण
भारतीय सेना में इस समय 1 लाख से अधिक सैनिकों की कमी है, जो अग्निपथ स्कीम के तहत ही पूरी हो सकती है। इस प्रक्रिया में कई सुधार किए जा रहे हैं, और इन कदमों के साथ सेना की भर्ती प्रक्रिया को तेज़ और बेहतर बनाया जा रहा है। आगामी वर्षों में, यह कमी धीरे-धीरे पूरी हो सकती है, जिससे भारतीय सेना का सामर्थ्य और मजबूत होगा।
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