Indian Army Firepower Pokhran: राजस्थान के जैसलमेर जिले स्थित पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय सेना के बैटल एक्स डिवीजन ने वार्षिक फील्ड फायरिंग अभ्यास का आयोजन किया। इस दौरान सेना के जांबाजों ने अपनी ताकत, अनुशासन और आधुनिक युद्धक क्षमता का अद्भुत प्रदर्शन किया। सेना ने अभ्यास में फोकस, फोर्टिट्यूड और फायर पावर का परिचय देकर यह संदेश दिया कि देश की सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं।

आधुनिक हथियारों से किया प्रदर्शन
अभ्यास के दौरान भारतीय सेना ने नई पीढ़ी के आधुनिक हथियारों और तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल किया। इससे यह साफ हुआ कि सेना समय-समय पर खुद को आधुनिक बनाकर हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। इस अभ्यास में प्रयोग किए गए प्रमुख हथियार और उपकरण निम्न रहे:
Indian Army Firepower Pokhran: इंफेंट्री हथियार
- इंसास राइफल (INSAS Rifle)
- AK-203 असॉल्ट राइफल
- लाइट मशीन गन (LMG)
- कार्ल गुस्ताफ रॉकेट लॉन्चर
- मल्टी-ग्रेनेड लॉन्चर (MGL)

आर्टिलरी और टैंक
- टी-90 भीष्म टैंक (T-90 Bhishma Tank)
- टी-72 अजेय टैंक
- के-9 वज्र सेल्फ प्रोपेल्ड हॉवित्जर (K9 Vajra-SP)
- फील्ड आर्टिलरी गन्स और मोर्टार सिस्टम
एयर डिफेंस और मिसाइल सिस्टम
- आकाश सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली (Akash SAM)
- स्ट्रेला पोर्टेबल मिसाइल
- एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (ATGM)
आधुनिक तकनीक और उपकरण
- ड्रोन सर्विलांस सिस्टम
- नाइट विजन डिवाइस (NVDs)
- थर्मल इमेजिंग कैमरे
- बैटलफील्ड मैनेजमेंट सिस्टम
Indian Army Firepower Pokhran: सेना की तैयारी और संदेश
इस युद्धाभ्यास ने साफ कर दिया कि भारतीय सेना न केवल पारंपरिक हथियारों के उपयोग में माहिर है बल्कि आधुनिकतम तकनीक से लैस होकर किसी भी परिस्थिति में दुश्मन को जवाब देने के लिए तैयार है। पोकरण रेंज में हुए इस अभ्यास ने यह भी दर्शाया कि बैटल एक्स डिवीजन की युद्धक क्षमता कितनी मजबूत और संगठित है।

राष्ट्र की सुरक्षा में सेना का भरोसा
भारतीय सेना का यह अभ्यास केवल शक्ति प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि जवानों के आत्मविश्वास और रणनीतिक क्षमता का भी परिचायक रहा। इसका सीधा संदेश यह है कि भारतीय सेना आधुनिक हथियारों और तकनीकी उपकरणों से लैस होकर सीमाओं की सुरक्षा में हर वक्त तत्पर है।
