दुश्मन के ड्रोन हमलों से बचने का अभ्यास करेंगे
Indian And US Army Exercise : भारत और अमेरिका की सेनाओं का संयुक्त अभ्यास हाल ही में राजस्थान के बीकानेर में स्थित महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में शुरू हुआ। यह अभ्यास दो सप्ताह तक चलेगा और इसमें कुल 1200 सैनिक भाग ले रहे हैं, जिनमें से 600 भारतीय और 600 अमेरिकी हैं। यह अभ्यास दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा संबंधों के तहत आयोजित किया जा रहा है और इसमें विभिन्न सैन्य रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

अभ्यास का मुख्य आकर्षण अमेरिका की हाई मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम (HIMARS) है, जो पहली बार भारत में प्रदर्शित की जा रही है। HIMARS की फायरिंग रेंज 310 किलोमीटर है और इसे यूक्रेन युद्ध में प्रभावी रूप से उपयोग किया गया है। इस प्रणाली को C-130 विमान में आसानी से परिवहन किया जा सकता है और इसमें 45 सेकंड में छह रॉकेट दागे जा सकते हैं।
महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में यह सबसे बड़ा अभ्यास माना जा रहा है। इसमें भारतीय और अमेरिकी सैनिक मिलकर ड्रोन हमलों से बचाव, आतंकवादियों की पहचान और नष्ट करने, और अन्य रणनीतियों पर काम करेंगे। अभ्यास में एयरबोर्न और हेलीबोर्न ऑपरेशन भी शामिल होंगे। इसके साथ ही, दोनों सेनाओं के सैनिक अपने-अपने हथियारों का प्रदर्शन करेंगे और एक-दूसरे की क्षमताओं का आदान-प्रदान करेंगे।

यह अभ्यास भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच सहयोग को और मजबूत बनाने का एक महत्वपूर्ण कदम है। दोनों देशों के सैनिक एक-दूसरे के साथ विभिन्न सैन्य तकनीकों और रणनीतियों पर काम करेंगे। यह अभ्यास 20वीं बार हो रहा है जब दोनों सेनाएं एक साथ प्रशिक्षण ले रही हैं, और यह भारत और अमेरिका के बीच नियमित सैन्य सहयोग का हिस्सा है।
अभ्यास की शुरुआत भारतीय और अमेरिकी सैनिकों की परेड के साथ हुई। हालांकि, गर्मी के कारण कुछ अमेरिकी सैनिकों को असुविधा हुई, लेकिन उपचार के बाद वे प्रशिक्षण में वापस शामिल हो गए। इस अभ्यास में दोनों देशों के सैनिक सुबह से शाम तक विभिन्न सैन्य गतिविधियों में भाग लेंगे, जिसमें फायरिंग और आर्टिलरी की ट्रेनिंग भी शामिल है।

