
राफेल, सुखोई, तेजस ने बनाए 25 फॉर्मेशन
indian airforce 93rd anniversary: भारतीय वायुसेना ने 93वां स्थापना दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया। इस मौके पर गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र नदी के ऊपर लचित घाट पर भव्य एयर शो आयोजित किया गया। इस साल की थीम “अचूक, अभेद्य और सटीक” रखी गई, जो वायुसेना की परिचालन क्षमता और तकनीकी दक्षता को दर्शाती है। फ्लाइंग डिस्प्ले में राफेल, सुखोई और तेजस जैसे 75 से अधिक विमान और हेलिकॉप्टर शामिल थे।
गुवाहाटी
एयर शो में कुल 25 से ज्यादा फॉर्मेशन बनाए गए। इसके लिए वायुसेना ने गुवाहाटी, तेजपुर, जोरहाट, छाबुआ, हासीमारा, बागडोगरा और पानागढ़ से विमानों को उड़ान भरी। इस शो में राफेल, सुखोई-30, मिग-29, मिराज, जगुआर, अपाचे हेलिकॉप्टर, आईएल-78 रिफ्यूलर, सी-17 ग्लोबमास्टर और एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर-एमके1 शामिल थे।
पूर्वी वायु कमान
एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ एयर मार्शल सूरत सिंह ने कहा, “हमने इस साल एयर शो पूर्वोत्तर क्षेत्र में आयोजित किया क्योंकि यह क्षेत्र हमारी वायुसेना के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। साथ ही स्थानीय लोगों को हमारी क्षमताओं और तैयारियों के बारे में जागरूक करना भी उद्देश्य था।”

शो के दौरान
विमानों ने एक साथ फॉर्मेशन बनाते हुए ब्रह्मपुत्र नदी के ऊपर शानदार दृश्य प्रस्तुत किया। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के एयर शो से न केवल नागरिकों में वायुसेना के प्रति विश्वास बढ़ता है, बल्कि यह संभावित आपात स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया की क्षमता भी दर्शाता है।
इतिहास की बात करें तो,
भारतीय वायुसेना ने 1932 में अपनी स्थापना के बाद से कई बार एयर शो और फ्लाइंग डिस्प्ले आयोजित किए हैं। 2005 से हर साल वायुसेना दिवस पर बड़े पैमाने पर प्रदर्शनी होती रही है, जिसमें नई तकनीक और विमान की प्रदर्शन क्षमता को दिखाया जाता है। इस साल पूर्वोत्तर में आयोजन करना इस क्षेत्र की रणनीतिक महत्ता और सुरक्षा पर जोर देने का प्रयास भी माना जा रहा है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार,
वर्तमान में भारतीय वायुसेना के पास लगभग 1,700 लड़ाकू विमान हैं। इसके अलावा, 40 से अधिक एयर बेस और आठ एडवांस लैंडिंग ग्राउंड पूरे देश में तैयार हैं। एयर मार्शल सूरत सिंह ने कहा, “हम पूर्वोत्तर क्षेत्र में हर संभावित चुनौती का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हमारे पास पर्याप्त संसाधन और तकनीकी विशेषज्ञता मौजूद है।”

स्थानीय नागरिकों और बच्चों के लिए यह एयर शो विशेष आकर्षण का केंद्र बन गया। गुवाहाटी के रहने वाले रोहित शर्मा ने कहा, “हमने पहली बार इतने सारे विमानों को एक साथ फॉर्मेशन बनाते देखा। यह गर्व की बात है कि हमारी वायुसेना इतनी सटीक और प्रभावी है।”
इस तरह के एयर शो न केवल भारतीय वायुसेना की ताकत को दिखाते हैं, बल्कि नागरिकों में सुरक्षा और जागरूकता बढ़ाने का काम भी करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में ऐसे आयोजन और भी बड़े पैमाने पर किए जाएंगे, ताकि नई तकनीकों और विमान क्षमताओं को आम जनता के सामने लाया जा सके।
Read More:- सरकारी बैंकों के विलय की संभावना

