जानिए क्यों भारत का मौसम बना आफत और राहत की कहानी
उत्तर में बर्फ, पूरब में बाढ़ और बीच में बढ़ती ठंड!
भारत इस समय मौसम की ऐसी करवट से गुजर रहा है, जहां एक तरफ ऊंचे पहाड़ बर्फ से ढक गए हैं, तो दूसरी ओर मैदानी इलाकों में पानी ने ज़िंदगी की रफ्तार रोक दी है।
कभी ये सब किताबों में पढ़ा करते थे – “विविधता में एकता” – लेकिन आज जब जम्मू-कश्मीर की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हो रही है और बिहार के गांव पानी में डूब रहे हैं, तो लगता है कि ये विविधता सिर्फ संस्कृति तक सीमित नहीं रही… अब मौसम भी यही कहानी सुना रहा है।

पहाड़ों पर बर्फ की चादर और राहत की रेस
पिछले 24 घंटों में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में भारी बर्फबारी ने कहर बरपाया है। डोडा जिले में सेना ने एक असली हीरो की तरह 25 बकरवाल आदिवासियों को उनके जानवरों सहित बचाया, जो बर्फीले तूफान में फंस गए थे। सोनमर्ग में 20 इंच बर्फ गिर चुकी है, और लद्दाख के जोजी-ला दर्रे पर BRO की टीम बर्फ हटाकर रास्ता साफ कर रही है।
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हिमाचल के लाहौल-स्पीति में तापमान -0.5°C तक गिरी है। लेकिन सबसे दर्दनाक खबर आई बिलासपुर से, जहां एक बस पर लैंडस्लाइड हुआ और 16 जिंदगियां खत्म हो गईं। ये सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम और सतर्कता के सवाल भी हैं।

उत्तराखंड में बर्फ, बिहार में बाढ़
केदारनाथ, बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब में बर्फबारी के बाद श्रद्धालुओं ने सफेद चादर ओढ़े मंदिरों के दर्शन किए। लेकिन वहीं बिहार में हालात बिल्कुल उलटे हैं – सुपौल, मधुबनी, अररिया जैसे जिले पानी-पानी हो चुके हैं। सिर्फ मधुबनी में 1 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। नेपाल की ओर से आई बारिश ने नदियों को रौद्र रूप दे दिया है।

अब सर्दी की आहट भी सुनाई देने लगी है…
पहाड़ी राज्यों की बर्फबारी का असर अब पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और यूपी में साफ दिख रहा है। दिन का तापमान 20°C से नीचे गिरने लगा है और सुबह-शाम ठिठुरन शुरू हो गई है। हरियाणा में दिवाली के बाद ठंड और बढ़ने का अनुमान है। मध्यप्रदेश में भी तापमान गिरने से लोगों ने अलमारी से स्वेटर और रजाई निकाल ली है।
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