📰 मौसम ने बदला रुख: 29 राज्यों में चक्रवात, बारिश और लू का कहर
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने शुक्रवार को पूरे देश में मौसम को लेकर बड़ी चेतावनी जारी की है। 29 राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और लू चलने की आशंका जताई गई है। इनमें मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, हरियाणा और पंजाब जैसे प्रमुख राज्य शामिल हैं।
जहां एक ओर कुछ राज्यों में भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना है, वहीं दूसरी ओर कई जिलों में भयंकर लू लोगों की जान ले सकती है।
🌩️ मध्य प्रदेश: लू और तूफान दोनों का डबल अटैक
मध्य प्रदेश के हालात तेजी से खराब हो रहे हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के 21 जिलों में आंधी-तूफान और बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा, 34 जिलों में लू चलने की आशंका है। तेज़ धूप और गर्म हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित हो सकता है। खासकर बुजुर्गों और बच्चों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
➡️ प्रभावित जिले: भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सतना, सागर, उज्जैन सहित अन्य जिलों में मौसम का मिजाज बदल सकता है।
🌞 बिहार: एक तरफ लू, दूसरी तरफ बारिश
बिहार के लिए भी मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। राज्य के 24 जिलों में लू को लेकर चेतावनी दी गई है, जबकि 14 जिलों में बारिश हो सकती है।
➡️ लू के साथ-साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। कृषि पर असर पड़ सकता है और स्कूलों को अलर्ट मोड में रहने की सलाह दी गई है।
🔥 राजस्थान: झुलसाने वाली गर्मी के बाद बारिश की दस्तक
राजस्थान के छह जिलों में गुरुवार को तापमान 44°C से ऊपर पहुंच गया। सबसे ज्यादा गर्मी श्रीगंगानगर में दर्ज की गई जहां तापमान 45.8°C रहा।
➡️ 11 जिलों में बारिश की चेतावनी दी गई है, जिससे कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि, बीकानेर और श्रीगंगानगर में लू का खतरा बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि यह लू जानलेवा हो सकती है अगर एहतियात नहीं बरती गई।
⚡ पश्चिम बंगाल में बिजली गिरने से 3 की मौत, झारखंड में CRPF जवान शहीद
पश्चिम बंगाल के नादिया और जलपाईगुड़ी जिलों में गुरुवार को आकाशीय बिजली गिरने की दर्दनाक घटना घटी। बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़े लोगों पर बिजली गिर गई, जिससे 3 लोगों की मौत हो गई और 5 घायल हो गए।
इससे पहले झारखंड के चाईबासा में आकाशीय बिजली गिरने से CRPF का एक जवान शहीद हो गया। इन घटनाओं ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि मौसम की चेतावनियों को नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है।
🔍 IMD की चेतावनी को हल्के में न लें
भारतीय मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि देश के कई हिस्सों में साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण यह तेज बदलाव हो रहा है। अगले कुछ दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं।
➡️ अलर्ट मोड में रहें:
- घर से बाहर निकलते समय मौसम अपडेट ज़रूर चेक करें
- लू से बचाव के लिए हल्के रंग के कपड़े पहनें, पानी ज्यादा पिएं
- आकाशीय बिजली के समय पेड़ों के नीचे खड़े न हों
- मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का इस्तेमाल बाहर बंद करें
🧠 जानिए क्यों हो रहा है मौसम में इतना बदलाव
जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग की वजह से भारत में मौसमी बदलाव तेज़ी से हो रहे हैं। अचानक तापमान बढ़ना, बिजली गिरना और बिना पूर्व चेतावनी के बारिश—ये सभी संकेत हैं कि जलवायु संकट गंभीर होता जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में अगर हम जलवायु के प्रति सजग नहीं हुए, तो यह घटनाएं और ज्यादा जानलेवा हो सकती हैं।
✅ क्या करें और क्या न करें (Do’s & Don’ts)
| करें (✅) | न करें (❌) |
|---|---|
| ढीले और हल्के कपड़े पहनें | दोपहर में बाहर न निकलें |
| पानी और ORS पिएं | सीधे धूप में लंबा वक्त न बिताएं |
| मौसम अलर्ट्स पर ध्यान दें | चेतावनियों को नजरअंदाज न करें |
| बिजली गिरने पर सुरक्षित स्थान पर जाएं | पेड़ों के नीचे या खुले मैदान में न खड़े हों |
📣 अंतिम सलाह: अब भी वक्त है संभलने का
मौसम का मिजाज एक बार फिर लोगों को आगाह कर रहा है। यह जरूरी है कि हम समय रहते चेत जाएं और सुरक्षा के सभी उपाय अपनाएं। सरकार और प्रशासन अपनी ओर से अलर्ट जारी कर रहा है, लेकिन असली ज़िम्मेदारी हमारी है—खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखने की।
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