कांग्रेस समेत विपक्षी नेताओं की मौजूदगी

उपराष्ट्रपति चुनाव में I.N.D.I.A उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी का नामांकन
9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी ने आज अपना नामांकन दाखिल किया। इस मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, शरद पवार और अन्य विपक्षी नेताओं की मौजूदगी ने इस नामांकन को महत्वपूर्ण बना दिया। यह नामांकन विपक्षी दलों की एकजुटता और उपराष्ट्रपति पद के प्रति उनकी गंभीरता का प्रतीक बन गया है।
नामांकन के साथ प्रेरणा स्थल पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि
नामांकन से पहले, बी सुदर्शन रेड्डी संसद परिसर में स्थित प्रेरणा स्थल पर गए और महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की। यह कदम उनके सम्मान और प्रेरणा का प्रतीक था। नामांकन के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि यह चुनाव सिर्फ एक व्यक्ति का चुनाव नहीं है, बल्कि यह भारत के लोकतांत्रिक विचारों से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि यदि वे चुने जाते हैं, तो उपराष्ट्रपति पद को वे निष्पक्षता, गरिमा, संवाद और शिष्टाचार के साथ निभाएंगे।
I.N.D.I.A गठबंधन और विपक्षी नेताओं की एकजुटता
नामांकन के दौरान विपक्षी नेताओं की एकजुटता साफ तौर पर दिखाई दी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, और सोनिया गांधी जैसे बड़े नेता वहां मौजूद थे। उनका समर्थन यह दर्शाता है कि यह चुनाव केवल एक पद के लिए नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए भी लड़ा जा रहा है।
बी सुदर्शन रेड्डी ने कहा, “हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संसद अपनी स्वतंत्रता बनाए रखे और असहमति को सम्मान मिले। हम चाहते हैं कि उपराष्ट्रपति पद से भारतीय संसद का काम और उसके आदर्श सही दिशा में आगे बढ़े।”
NDA उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन से मुकाबला
बी सुदर्शन रेड्डी का मुकाबला NDA के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन से है। यह दोनों उम्मीदवार दक्षिण भारत से हैं और राजनीतिक रूप से इस क्षेत्र में अपनी पहचान रखते हैं। रेड्डी का नामांकन, जहां कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के समर्थन से हुआ, वहीं राधाकृष्णन का नामांकन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेताओं की मौजूदगी में हुआ था।
बी सुदर्शन रेड्डी का कहना है कि यदि वे चुने जाते हैं, तो वे इस पद को पूरी निष्पक्षता और गरिमा के साथ निभाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उपराष्ट्रपति चुनाव केवल चुनाव नहीं है, बल्कि यह उस विचारधारा से जुड़ा है जहां हम संसद को स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से काम करता हुआ देखना चाहते हैं।
उपराष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया और परिणाम
उपराष्ट्रपति का चुनाव 9 सितंबर को होने जा रहा है। इस चुनाव में 782 सांसदों के वोटों की गिनती की जाएगी, जिसमें 391 सांसदों का समर्थन जीतने वाले उम्मीदवार को विजयी घोषित किया जाएगा। उपराष्ट्रपति के चुनाव में मुख्य भूमिका सांसदों की होती है, और यह चुनाव अधिकतर पार्टियों के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा बन चुका है।
चुनाव प्रक्रिया के दौरान सभी सांसदों को मतदान में प्राथमिकता के क्रम में वोट डालने का मौका मिलेगा। मतदान के बाद, काउंटिंग उसी दिन शुरू होगी और परिणाम जल्द ही घोषित किए जाएंगे।
उपराष्ट्रपति पद के दोनों उम्मीदवारों के बारे में
बी सुदर्शन रेड्डी, जो गुवाहाटी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस और गोवा के पहले लोकायुक्त रह चुके हैं, सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हो चुके हैं। उनका करियर अत्यंत प्रतिष्ठित रहा है। वे आंध्र प्रदेश से हैं और 2007 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया था। दूसरी ओर, सीपी राधाकृष्णन के पास भी एक लंबा राजनीतिक अनुभव है और उनका नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन से सामने आया है।
क्या होगा उपराष्ट्रपति चुनाव में?
वर्तमान में NDA गठबंधन को 422 सांसदों का समर्थन प्राप्त है, जो कि बहुमत के लिए काफी है। हालांकि, विपक्ष के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी के पक्ष में कई बड़े नेता एकजुट हुए हैं। चुनाव परिणाम की ओर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि यह न सिर्फ उपराष्ट्रपति पद का चुनाव है, बल्कि यह भारतीय लोकतंत्र की शक्ति और संसद की गरिमा का भी सवाल है।
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