भारत की चमकती एक्सपोर्ट दुनिया पर जैसे काला बादल!
सोचिए—एक सुबह आप अपनी दुकान खोलते हैं, उम्मीदें बड़ी होंगी, ऑर्डर्स की लाइन चले, लेकिन शाम तक सब बदल जाए। ऐसा ही हुआ भारत के कई व्यवसायों के साथ जब **डोनाल्ड ट्रम्प ने 27 अगस्त से भारत-आश्रित प्रोडक्ट्स पर कुल 50% टैरिफ लागू कर दिया। यह सिर्फ एक संख्या नहीं, यह कई परिवारों की रोजी-रोटी पर भारी बोझ बनकर उभरी।
कौन से सेक्टर कहां-कहां जूझ रहे हैं?
टेक्सटाइल व रेडीमेड कपड़े
अमेरिका में ₹10 अरब (करीब $10.3B) के कपड़ा निर्यात को सीधे टक्कर मिली। 63.9% निटेड, 60.3% वूवन, और 59% होम टेक्सटाइल्स जैसे उत्पाद अब महंगे हो गए हैं । कई फैक्ट्री ये काम “घर बैठे ही बंद” जैसी स्थिति में हैं—मतलब भारी रुकावट और नौकरियों का खतरा ।
जेम्स और ज्वैलरी
- अमेरिका को $12B तक ज्वैलरी निर्यात करने वाला यह क्षेत्र अब 52.1% टैरिफ झेल रहा है ।
- उज्जैन, मुंबई, सूरत जैसे शहरों में दशकों की मेहनत से खड़ी इंडस्ट्री के पास अब “डूम्सडे” जैसा हाल है ।
- मूल्य बढ़ने की वजह से खपत कम हो रही है, संभावित 1.2‑2 लाख तक नौकरियों का खतरा मंडरा रहा है ।
सी-फूड—विशेषकर श्रिम्प
- अमेरिका को ₹60,000 करोड़ (लगभग $7.4B) तक एक्सपोर्ट होता रहा है, जिसमें से 40% सुन्नी श्रिम्प है।
- 50% टैरिफ के बाद ₹24,000 करोड़ तक के कारोबार पर खतरा मँडरा रहा है ।
- कोलकाता, आंध्र जैसे स्थानों के किसान-व्यापारी तनाव में हैं ।
ऑटो पार्ट्स और इंजीनियरिंग गुड्स
- अमेरिका को ₹61,000 करोड़ वाले ऑटो पार्ट्स अब 50% टैरिफ से प्रभावित—लगभग ₹30,000 करोड़ का शिपमेंट जोखिम में ।
- साथ ही, ₹9B तक के इंजीनियरिंग गुड्स में से बड़े हिस्से को टक्कर लगी है ।
लेदर, फर्नीचर, कारपेट, होम गुड्स
- फैशन और होम डेकोर के ये क्षेत्र भी 52–53% तक भारी टैरिफ झेल रहे हैं ।
- कई छोटे व्यवसाय बेंगलादेश, वियतनाम जैसे जगहों को हार मान रहे हैं।
फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स अभी सुरक्षित?
- फिलहाल फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स को छूट मिली हुई है—लेकिन इमरजेंसी “250% तक टैरिफ” की धमकी भी दी जा रही है ।
- इसलिए यह मामला अभी नजदीकी निगरानी में है।
पूरा देश कह रहा है: और तैयारी चाहिए
- इंटरनल डाइवर्सिफिकेशन: सरकार लैटिन अमेरिका, अफ्रीका, यूरोप, एशिया जैसे नए बाजारों की ओर देख रही है
- PLI स्कीम, सब्सिडी, टैक्स सहजता: सरकार छूट, फाइनेंशियल मदद दे रही है ताकि MSMEs संभल सके
- बायलेटरल डील्स की राह: अमेरिका से नए ट्रेड समझौते की कोशिशें तंग स्थिति में भी जारी हैं
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