
India Tests Agni Prime Missile: अब लड़ाई सिर्फ ज़मीन, हवा या समंदर में नहीं होगी… अब वो रेलवे ट्रैक पर भी छुपी हो सकती है। अग्नि-प्राइम के इस नए टेस्ट ने भारत को इस ‘मिसाइल रेल क्लब’ का हिस्सा बना दिया है, जिसमें अब तक गिने-चुने ही देश शामिल थे।”
क्या हुआ है खास?
बुधवार की रात भारत ने अपनी अग्नि-प्राइम बैलिस्टिक मिसाइल को पहली बार ट्रेन से लॉन्च किया। यह लॉन्च ओडिशा के चांदीपुर टेस्ट रेंज से हुआ। मिसाइल को एक विशेष रूप से डिज़ाइन की गई ट्रेन के कैनिस्टर से दागा गया, और इससे भारत उन 4 देशों की लिस्ट में शामिल हो गया जिनके पास यह क्षमता है — रूस, चीन और उत्तर कोरिया के बाद अब भारत!
क्या है ये अग्नि-प्राइम और क्यों खास है इसका रेल लॉन्च?
- अग्नि-प्राइम: 2000 किलोमीटर तक मार करने वाली आधुनिक बैलिस्टिक मिसाइल है।
- कैनिस्टराइज्ड: यानी एक सील्ड कंटेनर में पैक – धूल, पानी, मौसम से सुरक्षित।
- मोबाइल लॉन्च: अब इसे ट्रक के अलावा रेल से भी कहीं भी ले जाया जा सकता है।
- लोकेशन अज्ञात: कौन सी ट्रेन में मिसाइल है और कौन सी में कोयला – दुश्मन समझ ही नहीं पाएगा!
रेल से क्यों डरेंगे दुश्मन?
भारत का रेलवे नेटवर्क दुनिया का चौथा सबसे बड़ा है 70,000 किलोमीटर से ज्यादा लंबा। अब सोचिए – इतनी बड़ी जाल में कोई भी ट्रेन, किसी भी सुरंग या स्टेशन पर मिसाइल लेकर खड़ी हो सकती है। और जब तक दुश्मन समझे, तब तक अग्नि-प्राइम आसमान में उड़ चुकी होगी। सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर न्यूक्लियर डिटरेंस तक, ये सिस्टम भारत की ताकत को कई गुना बढ़ा देता है।

इसका मतलब क्या है?
⚡ अब भारत के पास ऐसा मिसाइल लॉंच प्लेटफॉर्म है जो ‘मोबाइल’ है, ‘छिपा’ हो सकता है और ‘कहीं से भी’ वार कर सकता है।
⚡ भारतीय सेना अब पहाड़ों, सुरंगों, जंगलों, रात, धुंध या किसी भी कठिन परिस्थिति में भी मिसाइल लॉन्च कर सकती है – बिना देखे, बिना रुके।
⚡ यह पूरी तकनीक ‘Survivability’ और ‘Surprise’ स्ट्राइक के लिए डिजाइन की गई है।
कैनिस्टर लॉन्च टेक्नोलॉजी – आम नहीं, गेम चेंजर है
- मिसाइल कंटेनर में पैक रहती है, जैसे कोई दवा अपने पैकेट में।
- सालों तक स्टोर रख सकते हैं, बस लॉन्च बटन दबाओ और मिसाइल रवाना।
- लगातार मेंटेनेन्स की जरूरत नहीं।
- दुश्मन को कभी नहीं पता चलेगा कि कौन सी ट्रेन में अग्नि है, और कौन सी में आम सामान।
राजनाथ सिंह बोले – ये भारत की स्ट्रेटेजिक क्षमता की नई ऊंचाई है
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर इस टेस्ट को “ऐतिहासिक और निर्णायक” बताया। उन्होंने कहा
ये लॉन्च भारत की रणनीतिक शक्ति में क्रांतिकारी बदलाव का प्रतीक है। अब हमारी मिसाइलें सिर्फ ताकतवर नहीं, बल्कि चुपचाप और तेज़ भी होंगी।
क्यों मायने रखता है ये टेस्ट?
- तेज़ और सुरक्षित तैनाती — युद्ध की स्थिति में समय बर्बाद नहीं होगा।
- दुश्मन के लिए भ्रम का माहौल — कहां से वार होगा, नहीं जान पाएगा।
- कम लागत में हाई मोबिलिटी — भारतीय रेलवे पहले से तैयार है, अलग इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत नहीं।
- शांति के समय में ‘Deterrence’ — यानी दुश्मन जानता रहेगा कि भारत ‘तैयार’ है।
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