4 लाख महिलाओं से दुष्कर्म करने वालों को किसी को सिखाने का हक नहीं

पाकिस्तान ने उठाया कश्मीर का मुद्दा, भारत ने दिया इतिहास का सबसे कड़ा जवाब
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में “महिलाएं, शांति और सुरक्षा” (Women, Peace and Security) विषय पर चर्चा के दौरान भारत ने पाकिस्तान द्वारा कश्मीर पर दिए बयान का कड़ा जवाब दिया।
भारत के स्थायी राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने पाकिस्तान की आलोचना करते हुए कहा
पाकिस्तान वो देश है जो अपने ही नागरिकों पर बम गिराता है और जनसंहार करता है। जिनकी सेना ने 4 लाख महिलाओं से बलात्कार किया हो, उन्हें दूसरों को सिखाने का कोई हक नहीं।
“A country that bombs its own people, conducts systematic genocide can only attempt to distract the world with misdirection and hyperbole”, India’s envoy to UN @IndiaUNNewYork @AmbHarishP slams Pakistan after the country rakes anti India issues at UNSC pic.twitter.com/t80HYwJlVz
— Sidhant Sibal (@sidhant) October 7, 2025
भारत ने क्या-क्या कहा?
कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और रहेगा। पाकिस्तान झूठ और फर्जी प्रचार के जरिए दुनिया को गुमराह करता है। 1971 के ऑपरेशन सर्चलाइट में पाकिस्तान की सेना ने पूर्वी पाकिस्तान (आज का बांग्लादेश) में लाखों लोगों का कत्ल किया। महिलाओं के साथ क्रूर बलात्कार किए ढाका यूनिवर्सिटी और आम इलाकों पर हमला किया गया। दुनिया अब पाकिस्तान के दोहरे चेहरे को पहचान चुकी है।
पाकिस्तान अपने ही लोगों पर बम गिरा रहा है: भारत
भारतीय राजदूत ने 22 सितंबर को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में हुए बम हमले का भी ज़िक्र किया, जिसमें पाकिस्तानी सेना ने बिना चेतावनी बमबारी की थी, जिसमें 30 नागरिक मारे गए।
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पाकिस्तानी वायुसेना ने दावा किया था कि ये हमला आतंकी संगठन टीटीपी के खिलाफ था, लेकिन ज़मीनी सच्चाई कुछ और ही थी — मारे गए ज्यादातर लोग आम नागरिक थे।
1971 का ऑपरेशन सर्चलाइट: पाकिस्तान का ‘काला इतिहास’
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| कब शुरू हुआ | 25 मार्च 1971 की रात |
| कहाँ | पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) |
| क्यों | बंगाली जनता की लोकतांत्रिक जीत को कुचलने के लिए |
| क्या हुआ |
- ढाका यूनिवर्सिटी पर हमला
- अख़बार दफ्तरों को जलाया गया
- हज़ारों छात्रों और नागरिकों की हत्या
- अनुमानित 30 लाख लोग मारे गए
- 4 लाख से अधिक महिलाओं के साथ दुष्कर्म
भारत ने मानवीय संकट को देखते हुए हस्तक्षेप किया और 13 दिन के युद्ध के बाद 16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान ने आत्मसमर्पण किया।
भारत ने फिर दोहराया: पाकिस्तान को कोई नैतिक अधिकार नहीं
UN में भारत ने कहा
जो देश अपने देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों, महिलाओं और बच्चों पर अत्याचार करता है, वो किसी और को मानवाधिकार का पाठ नहीं पढ़ा सकता। पाकिस्तान का असली चेहरा अब दुनिया के सामने आ चुका है।
UN डिबेट में भारत का स्टैंड क्यों मायने रखता है?
पाकिस्तान बार-बार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर का मुद्दा उठाता है, जबकि भारत इसे आंतरिक मामला मानता है। भारत हर बार ठोस तथ्यों और ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स के साथ पाकिस्तान की बयानबाज़ी का मुंहतोड़ जवाब देता है। इस बार भारत ने सिर्फ जवाब नहीं दिया, बल्कि 1971 की इतिहास की सबसे बड़ी नरसंहार घटनाओं में से एक को याद दिलाया जिसे पाकिस्तान आज भी स्वीकार नहीं करता।
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