क्या खेल और देशभक्ति का तादात्म्य सही है?

भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच हमेशा ही विवादों से घिरा रहा है, लेकिन इस बार मामला और भी संवेदनशील हो गया है। एशिया कप 2025 में दुबई में होने वाले भारत-पाकिस्तान के इस मैच के खिलाफ देशभर में विरोध की लहर उठ रही है। पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद, जिनसे कई भारतीय सैनिकों और नागरिकों की जान गई थी, अब यही सवाल उठ रहे हैं: क्या खेल और देशभक्ति के नाम पर पाकिस्तान से मैच खेलना सही है?
देशभर में विरोध: क्या मैच हमारी भावनाओं से खिलवाड़ है?
भारत में जहां एक ओर कुछ लोग भारत की जीत के लिए पूजा अर्चना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई परिवार और राजनीतिक नेताओं ने इस मैच के आयोजन का विरोध किया है। शिवसेना उद्धव गुट के कार्यकर्ताओं ने मुंबई में टीवी तोड़कर विरोध प्रदर्शन किया, जबकि केरल में पाकिस्तानी झंडा जलाया गया। इसके अलावा, महाराष्ट्र में महिलाओं ने प्रधानमंत्री मोदी को सिंदूर भेजा और BCCI के लिए चंदा मांगा।
पहलगाम हमले के पीड़ितों के परिवारों का कहना है कि “जिनके हाथ खून से सने हैं, उसी से मैच खेलना शर्मनाक है।” जयपुर के पवन सैनी जैसे परिवारों ने भी गहरी पीड़ा व्यक्त की है। पवन सैनी ने कहा, “मेरे 2 साल के बेटे और पत्नी की अर्थी मैंने अपने कंधे पर उठाई थी। कैसे भूल सकता हूं उन आतंकियों को जो पाकिस्तान से आए थे।”
क्या खेल के नाम पर पाकिस्तान से मिलकर जश्न मनाना ठीक है?
आम आदमी पार्टी (AAP) और कई अन्य राजनीतिक नेताओं ने इस मैच का विरोध किया है। दिल्ली के सौरभ भारद्वाज ने कहा, “क्या आपको कुछ भी इंसानियत बची है? ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान से मैच खेलना शर्मनाक है।” वहीं, सांसद संजय राउत ने कहा,
PM मोदी रूस-यूक्रेन युद्ध रोक सकते हैं, लेकिन भारत-पाक क्रिकेट मैच नहीं रोक सकते।
इन बयानों से यह साफ होता है कि खेल के नाम पर देश की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मुद्दा अब एक जटिल राजनीतिक और नैतिक सवाल बन चुका है।

क्या मैच से मिले पैसे आतंकवाद को बढ़ावा देंगे?
यह भी सवाल उठ रहा है कि इस मैच से जो पैसा कमाया जाएगा, क्या वह पाकिस्तान के आतंकवादियों के ठिकाने को फिर से बनाने में मदद करेगा? पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशान्या द्विवेदी ने इस मैच को लेकर तीखा सवाल उठाया, “यह पैसा फिर से पाकिस्तान के आतंकवादी ठिकानों को फिर से खड़ा करेगा, जिनको ऑपरेशन सिंदूर ने नष्ट किया था।”
खेल और देशभक्ति में फर्क समझना जरूरी
भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच सिर्फ खेल नहीं, बल्कि एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। खेल को केवल खेल समझने से परे, यह हमारी भावनाओं और देशभक्ति से जुड़ा मामला है। उन परिवारों के लिए, जिन्होंने आतंकवादियों के हाथों अपने प्रियजनों को खो दिया है, यह मैच हर बार पुरानी पीड़ा को फिर से ताजा करता है।

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