चार साल बाद 75 मिनट की चर्चा, LoC पर एक महीने में गोलीबारी और ब्लास्ट की 5 घटनाएं
India pakistan flag meeting : भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच शुक्रवार को पुंछ सेक्टर के चाका दा बाग (LoC ट्रेड सेंटर) में एक महत्वपूर्ण फ्लैग मीटिंग आयोजित की गई। यह मीटिंग चार सालों में पहली बार हुई है और 75 मिनट तक चली। दोनों देशों के ब्रिगेडियर रैंक के अधिकारी इस बैठक में शामिल हुए। आखिरी बार भारत और पाकिस्तान के बीच इस प्रकार की मीटिंग 2021 में हुई थी।
LoC पर तनाव बढ़ा, पिछले एक महीने में हुईं कई घटनाएं
पिछले कुछ हफ्तों से जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (LoC) पर तनाव जारी है। 4 फरवरी को भारतीय सेना ने 7 पाकिस्तानी घुसपैठियों को मार गिराया था, जबकि 13 फरवरी को पाकिस्तान की ओर से सीजफायर उल्लंघन की खबर आई, जिसे बाद में भारतीय सेना ने खंडन किया।
India pakistan flag meeting : स्नाइपर फायरिंग और IED ब्लास्ट
इसके बाद, 16 फरवरी को पुंछ सेक्टर में एक स्नाइपर फायरिंग की घटना घटी, जिसमें एक भारतीय जवान घायल हो गया। वहीं, 11 फरवरी को जम्मू जिले के अखनूर सेक्टर में IED ब्लास्ट के कारण दो भारतीय जवान शहीद हो गए, जबकि एक जवान घायल हुआ।
LoC पर हुई प्रमुख घटनाएं
- 16 फरवरी 2025: पुंछ सेक्टर में स्नाइपर फायरिंग, एक भारतीय जवान घायल
- 13 फरवरी 2025: पाकिस्तान की ओर से गोलीबारी की खबर, सेना ने खंडन किया
- 11 फरवरी 2025: IED ब्लास्ट में दो भारतीय जवान शहीद, एक घायल
- 4 फरवरी 2025: भारतीय सेना ने 7 पाकिस्तानी घुसपैठियों को मार गिराया
- 14 जनवरी 2025: LoC के पास लैंडमाइन ब्लास्ट में 6 भारतीय जवान घायल
भारत-पाकिस्तान के बीच फ्लैग मीटिंग का महत्व
इस फ्लैग मीटिंग को भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, खासकर जब से LoC पर कई घटनाओं ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है। यह मीटिंग एक संकेत है कि दोनों देशों के बीच संवाद का रास्ता खुला हुआ है, हालांकि वास्तविक सुरक्षा स्थिति को लेकर दोनों देशों की सेनाएं सतर्क बनी हुई हैं।
India pakistan flag meeting : युद्धविराम और सुरक्षा मुद्दों पर संवाद जारी
LoC पर घटनाओं की बढ़ती संख्या और दोनों देशों के बीच तनाव के बावजूद, यह फ्लैग मीटिंग यह दिखाती है कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम और सुरक्षा मुद्दों पर संवाद जारी है। आगामी दिनों में यह मीटिंग भारत और पाकिस्तान के संबंधों में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकती है।
