India pakistan conflict rajnath singh meeting : राजनाथ सिंह की हाई-लेवल मीटिंग
India pakistan conflict rajnath singh meeting : नई दिल्ली, 9 मई 2025: भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में 9 आतंकी शिविरों पर सटीक मिसाइल हमले कर उन्हें पूरी तरह तबाह कर दिया। इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने जवाबी हमले की कोशिश की, लेकिन भारत की मजबूत रणनीति के सामने वह बौना साबित हुआ। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने स्थिति की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठकों का दौर शुरू किया।
राजनाथ सिंह की हाई-लेवल मीटिंग
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने साउथ ब्लॉक में एक अहम बैठक की, जिसमें चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान और थल सेना, नौसेना, और वायुसेना के प्रमुख शामिल हुए। बैठक में भारत-पाकिस्तान सीमा पर तनाव और भविष्य की रणनीति पर गहन चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, भारत ने पाकिस्तान के लाहौर, इस्लामाबाद, सियालकोट, रावलपिंडी, और कराची जैसे शहरों में जवाबी कार्रवाई की, जिससे पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ।
चंडीगढ़ और मोहाली में हाई अलर्ट
पाकिस्तान से संभावित जवाबी हमले को देखते हुए चंडीगढ़ में हाई अलर्ट जारी किया गया है। शहर में सायरन बज रहे हैं, और वायुसेना स्टेशन पर एयर अलर्ट लागू है। चंडीगढ़ के डिप्टी कमिश्नर ने लोगों से घरों में रहने और बालकनियों से दूर रहने की अपील की है। मोहाली में भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
अमित शाह और अजीत डोभाल की बैठक
इसी बीच, गृह मंत्री अमित शाह ने सीआईएसएफ और बीएसएफ के प्रमुखों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल और इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के प्रमुख सदानंद दाते भी मौजूद थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करना और आंतरिक सुरक्षा को सुनिश्चित करना था।
दोपहर में राजनाथ सिंह डीआरडीओ (रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन) के प्रमुख के साथ एक और बैठक करेंगे, जिसमें स्वदेशी हथियारों और तकनीकी प्रगति पर चर्चा होगी।
आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम
भारत ने PoK में 9 आतंकी शिविरों को निशाना बनाकर दुनिया को साफ संदेश दिया है कि वह आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कायम है। अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने कहा, “हमारी लड़ाई आतंकवादियों के खिलाफ है। पाकिस्तान आतंकवाद को पनाह देता है, और दुनिया को अब उसे यह साफ कहना चाहिए कि आतंकवाद को बढ़ावा देना बंद करें।”
पाकिस्तान की सेना और सरकार इस हमले को बर्दाश्त नहीं कर पाई और उसने भारत के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की कोशिश की। लेकिन भारत की ताकतवर सेना और रणनीति ने पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचाया।
क्यों जरूरी थी भारत की कार्रवाई?
पाकिस्तान लंबे समय से PoK में आतंकी शिविरों को पनाह देता रहा है। ये शिविर भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों का केंद्र रहे हैं। भारत ने इन शिविरों को नष्ट कर न केवल अपनी सुरक्षा को मजबूत किया, बल्कि वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता को भी दोहराया।
आगे क्या? भारत की रणनीति
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की यह कार्रवाई पाकिस्तान को साफ संदेश देती है कि वह आतंकवाद के खिलाफ किसी भी हद तक जा सकता है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, “हमारी सेना हर स्थिति के लिए तैयार है। हम शांति चाहते हैं, लेकिन अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेंगे।”
भारत अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी पाकिस्तान को अलग-थलग करने की रणनीति पर काम कर रहा है। विनय क्वात्रा ने संयुक्त राष्ट्र में भी इस मुद्दे को उठाने की बात कही है।
भारत का दमदार जवाब
अपनी सैन्य ताकत (भारत ने )और कूटनीतिक रणनीति से पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है। PoK में आतंकी शिविरों को नष्ट करने से लेकर चंडीगढ़ में हाई अलर्ट तक, भारत ने हर मोर्चे पर अपनी तैयारी दिखाई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह की अगुवाई में देश आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से खड़ा है।
क्या यह तनाव और बढ़ेगा, या शांति की राह निकलेगी? अगले कुछ दिन इस सवाल का जवाब देंगे। तब तक भारत की सेना और सरकार हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
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