India Pakistan border suspicious arrest : राजस्थान के जैसलमेर जिले के मुरार बॉर्डर क्षेत्र में भारतीय सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया है। गश्त के दौरान पकड़ा गया यह व्यक्ति बिना किसी वैध पहचान पत्र के सीमा क्षेत्र के बेहद करीब घूमता पाया गया। बीएसएफ के जवानों ने उसे तुरंत हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच में उसकी पहचान मोहम्मद इकबाल, निवासी अररिया, बिहार के रूप में हुई है।
संदिग्ध की गतिविधियां
संदिग्ध ने सीमा क्षेत्र में पहुंचने के कारण स्पष्ट रूप से कोई जवाब नहीं दिया है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों का शक गहरा गया है। इसके पास कोई अनुमति या दस्तावेज नहीं था जो दिखाता हो कि उसे उस क्षेत्र में जाने की इजाजत है।
BSF और शाहगढ़ थाना पुलिस उसकी सुरक्षा जांच कर रहे हैं। इसके अलावा खुफिया एजेंसियां भी इस मामले की गहन जांच कर रही हैं, जिसमें संदिग्ध के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, और संपर्क सूत्र शामिल हैं वह किन गतिविधियों में शामिल था इसका पता लगाया जा सके।
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जैसलमेर में इस साल अब तक 5 जासूस पकड़े जा चुके
- 26 मार्च: पहलगांव आतंकी हमले से पहले राजस्थान इंटेलिजेंस ने चांधन फील्ड फायरिंग रेंज के करीब करमों की ढाणी निवासी पठान खान को ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था।
- 28 मई : राजस्थान इंटेलिजेंस ने पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में कांग्रेस के पूर्व मंत्री सालेह मोहम्मद के निजी सहायक रहे और सरकारी कर्मचारी शकूर खान को डिटेन किया और 3 जून को गिरफ्तार किया।
- 4 अगस्त : जैसलमेर में DRDO के गेस्ट हाउस मैनेजर महेंद्र प्रसाद को पाकिस्तानी हैंडलर को भारतीय सेना की खुफिया जानकारियां भेजने पर पकड़ा।
- 20 अगस्त: जैसलमेर में जांच एजेंसियों ने जासूसी के आरोप में जीवन खान (25) पकड़ा था। आरोपी एक रेस्टोरेंट में काम करने आया था। वह पाकिस्तानी नंबरों पर किसी से बात कर रहा था और उसके मोबाइल में कई पाकिस्तानी नंबर सेव मिले।
- 25 सितंबर: जैसलमेर से एक जासूस हनीफ खान को गिरफ्तार किया है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को भारतीय सेना से जुड़ी गोपनीय सूचनाएं भेज रहा था।
सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता
इस घटना के बाद सीमा इलाके में सुरक्षा और चौकसी को और बढ़ा दिया गया है। BSF अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध किसी आतंकी या जासूसी नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है या अवैध मादक पदार्थों, हथियारों की तस्करी से जुड़ा हो सकता है। ऐसी घटनाएं राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील मानी जाती हैं।
सीमा सुरक्षा का महत्व
भारत-पाकिस्तान सीमा सुरक्षा को लेकर सतर्कता आवश्यक है क्योंकि वहां कई बार आतंकवादी, जासूस और तस्कर गतिविधियां सक्रिय रहती हैं। इस तरह की समय-समय पर गिरफ्तारी से सीमा सुरक्षा में मजबूती आती है और संभावित सुरक्षा खतरों को रोका जा सकता है।
जैसलमेर के मुरार बॉर्डर पर पकड़े गए संदिग्ध की घटना से यह साबित हुआ है कि भारत की सीमा सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय गश्त करती हैं। संयुक्त जांच समिति की पूछताछ से इस केस के गहराई से खुलासे की उम्मीद है जो सीमा सुरक्षा में और मददगार साबित होंगे। यह घटना सुरक्षा एजेंसाओं की तत्परता और सजगता की मिसाल है।
