भारत की ‘पानी’ की चोट पर पाकिस्तान ने ‘हवा’ रोक दी पर खुद ही दम घुटने लगा
22 अप्रैल को जब पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने 26 निर्दोष नागरिकों की जान ले ली, तो भारत ने सिर्फ दुख व्यक्त नहीं किया सीधा जवाब दिया। 23 अप्रैल को भारत ने दशकों पुरानी सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया। और पाकिस्तान ने बदले में भारतीय विमानों के लिए एयरस्पेस बंद कर दिया। लेकिन यहां कहानी में ट्विस्ट था इस चक्कर में पाकिस्तान को ही ₹127 करोड़ का आर्थिक नुकसान हो गया।

पाकिस्तान को दो महीने में 4.10 अरब का घाटा
पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने खुद संसद में स्वीकार किया कि 24 अप्रैल से 30 जून तक, औसतन 100 150 भारतीय उड़ानें हर रोज़ प्रभावित हुईं, जिससे उन्हें 127 करोड़ रुपए का नुकसान झेलना पड़ा। यानी एक ‘प्रतिकार’ की कोशिश ने खुद उनकी अर्थव्यवस्था को ही भारी चोट पहुंचा दी।
भारतीय एयरलाइंस को भी नुकसान, लेकिन जवाबी रणनीति तैयार
साफ है, भारत को भी इस फैसले का असर झेलना पड़ा एयर इंडिया का अनुमान: अगर एयरस्पेस सालभर बंद रहा, तो ₹5,000 करोड़ तक का नुकसान हो सकता है। हर महीने भारतीय एयरलाइंस को ₹306 करोड़ का अतिरिक्त खर्च झेलना पड़ सकता है, क्योंकि उड़ानें लंबी हो गई हैं। लेकिन भारत ने भी पाकिस्तानी विमानों के भारतीय हवाई क्षेत्र में घुसने पर रोक लगा दी है बराबरी की जवाबी कार्रवाई।
भारत की सिंधु जल संधि निलंबन की टाइमिंग अहम थी
सालों से भारत ने पाकिस्तान को सिंधु जल संधि के तहत पानी दिया, बावजूद इसके बार बार सीमा पार से आतंकवाद झेलना पड़ा। पहलगाम आतंकी हमले के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई CCS मीटिंग में यह स्पष्ट संदेश दिया गया अब हर बूंद का हिसाब होगा।सिंधु का पानी अब दबाव बनाने का औजार बन चुका है, और यह सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं, रणनीतिक चाल है।
घाटे के बावजूद पाकिस्तान एयरपोर्ट्स की कमाई बढ़ी?
पाकिस्तान के मंत्रालय का यह भी दावा है कि 2019 में ओवरफ्लाइट (ऊपर से गुजरने वाले विमान) से रोज़ ₹4.24 करोड़ की कमाई होती थी। 2025 में यह बढ़कर ₹6.35 करोड़ हो गई। यानी घाटे के बावजूद कुल राजस्व में वृद्धि दर्ज की गई। लेकिन जानकार मानते हैं कि यह आंकड़ा गोल मोल है क्योंकि भारतीय ओवरफ्लाइट्स की संख्या कम होने से एयरस्पेस टैक्स में बड़ा झटका लगा है।

फिर से भूल की दोहराई
यह पहला मौका नहीं है 2019 में बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद जब पाकिस्तान ने एयरस्पेस बंद किया था, तब उसे 451 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। अब फिर वही हुआ, लेकिन पाकिस्तान ने इमोशनल रिएक्शन के तहत आर्थिक विवेक को नजरअंदाज कर दिया।
जब भारत जवाब देता है, तो आर्थिक तराजू भी डोलने लगता है
पाकिस्तान को अब समझना होगा कि पानी और हवा जैसी प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल कूटनीति में किया जाता है भावनाओं में नहीं। भारत अब भावनाओं से नहीं, रणनीति से चलने वाला देश है।
Read More:- भारत पाक एयरस्पेस विवाद: पाकिस्तान को ₹127Cr का नुकसान
Watch Now :-चांडिल स्टेशन पर दो मालगाड़ियों की टक्कर का LIVE video
