india nimbus variant four covid : सिंगापुर वाला Nimbus वैरिएंट भारत में फैल रहा!🦠 कुल एक्टिव केस 5,608
india nimbus variant four covid : देश में बीते 24 घंटों में कोरोना से 4 लोगों की मृत्यु हुई है—एक-एक मरीज दिल्ली, केरल, महाराष्ट्र और पंजाब से संक्रमित थे।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जनवरी 2025 से अब तक इस नए वैरिएंट से कुल 120 मौतें दर्ज की जा चुकी हैं।
वर्तमान में सक्रिय मामलों की संख्या 5,608 है; गुरुवार को 64 नए केस मिले और 368 मरीज स्वस्थ हो गए।
पिछले एक हफ्ते से रोजाना 100 से कम नए केस दर्ज हो रहे हैं, लेकिन यह संख्या लगातार बनी हुई है ।
🗺️ राज्यवार स्थिति – केरल शिखर पर
- केरल: 1,184 एक्टिव केस
- कर्नाटक: 124‑बेड कोविड वार्ड गुलबर्गा में तैयार
- यूपी हरदोई: मेडिकल कॉलेज में आइसोलेशन बेड
- मदुरै एयरपोर्ट: थर्मल स्कैनिंग लागू
🔍 यूपी सरकार ने अस्पतालों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है—PPE, ऑक्सीजन, ICU तैयार रखें।
केरल में कोविड और इन्फ्लुएंजा गाइडलाइन जारी, सभी संक्रमितों पर कोविड टेस्ट अनिवार्य।
🧬 ICMR-NIV अलर्ट: Nimbus (NB.1.8.1) वैरिएंट फैल रहा
ICMR-NIV के निदेशक डॉ. नवीन कुमार ने बताया कि सिंगापुर में पाये जाने वाला Nimbus (NB.1.8.1) वैरिएंट भारत में धीरे-धीरे बढ़ रहा है।
- बीते 5–6 हफ्तों में इसकी संख्या तेजी से बढ़ी है।
- लक्षण ओमिक्रॉन जैसे हैं—बुखार, खांसी, गले में खराश, थकावट।
- WHO ने NB.1.8.1, JN.1, LF.7, XFG वगैरह को Variants Under Monitoring (VUM) की श्रेणी दी है।
🧪 भारत में मिले चार नए वैरिएंट
- ICMR के डायरेक्टर डॉ. राजीव बहल के अनुसार दक्षिण और पश्चिम भारत से:
- LF.7
- XFG
- JN.1
- NB.1.8.1
इन सभी वैरिएंट की सीक्वेंसिंग की गई है।
- JN.1 अब तक भारत में सबसे आम वैरिएंट है, इसके बाद BA.2 और अन्य ओमिक्रॉन सब-लाइनअप हैं ।
🛡️ सावधानी ज़रूरी, लेकिन घबराएं नहीं
- अधिकतर मामलों में लक्षण हल्के होते हैं और होम आइसोलेशन से उपचार संभव है।
- लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय ने सावधानी बरतने और अस्पतालों की तैय्यारी बढ़ाने का निर्देश दिया है ।
- योजनाबद्ध COVID ड्रिल्स, मास्किंग, टेस्टिंग बढ़ाना, और आइसोलेशन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना प्रमुख दिशा है ।
📌 एहतियाती меры – क्या करना चाहिए?
- मास्क पहनें, खासकर बंद स्थानों में
- खांसी-जुकाम वाले लक्षण हो तो तुरंत टेस्ट कराएं
- भीड़भाड़ से बचें, खुद को संक्रमण से सुरक्षित रखें
- घर से बाहर निकलें तो थर्मल स्कैनिंग के लिए तैयार रहें
- अस्पतालों और मेडिकल स्टाफ को सुविधाएं उपलब्ध हों
- यह मध्यम-तक हल्की लहर है—अभी स्थिति नियंत्रण में है।
- सावधानियां और टेस्टिंग तेज करना भविष्य की संभावित चोटों से बचा सकता है।
- यदि वैक्सिनेशन, टेस्ट, मास्किंग और होम आइसोलेशन का पालन किया जाए, तो गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।
Read More :- 14 महीने की सबसे बड़ी राहत: खाने-पीने की चीजें हुईं सस्ती
Watch Now :- देश में कोरोना की वापसी! CORONA | ACTIVE CASE
