मानसून का कहर: राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश समेत कई राज्यों में तबाही, अब तक 100+ मौतें, करोड़ों की संपत्ति नुकसान
भारत के कई राज्य इन दिनों भीषण मानसून और बाढ़ की चपेट में हैं। राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हिमाचल, बिहार, महाराष्ट्र और असम में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है। पिछले 24 घंटे में बारिश से जुड़ी घटनाओं में सिर्फ राजस्थान में 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हिमाचल में 24 दिन में 105 लोग जान गंवा चुके हैं।
राजस्थान में कोटा बना जलसमाधि, कोटा बैराज के 12 गेट खुले
राजस्थान के कोटा में सबसे अधिक 198 मिमी बारिश दर्ज की गई। इससे कोटा बैराज के 12 गेट खोलने पड़े। जयपुर में सड़कों के धंसने से 15 फीट गहरा गड्ढा बन गया। चूरू जिले में श्मशान घाट तक डूब गया, जिससे शव यात्रा निकालने में लोगों को भारी कठिनाई हुई।

राजसमंद के कांकरोली इलाके में दो मंजिला मकान गिरने से 1 व्यक्ति की मौत हो गई। पाली जिले में बारिश के कारण रेल मार्ग 8 घंटे बाधित रहा।
मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी उफान पर, 10 जिले बाढ़ की चपेट में
MP के जबलपुर, रीवा, श्योपुर समेत 10 जिलों में लगातार एक हफ्ते से बारिश हो रही है। नर्मदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। श्योपुर के कई गांव पूरी तरह पानी से घिर गए हैं। अस्पतालों और दुकानों तक में पानी भर गया है।
MP सरकार ने हाई अलर्ट जारी करते हुए सभी जिलों को आपातकालीन रिस्पांस टीम एक्टिव रखने के निर्देश दिए हैं।
उत्तर प्रदेश में 51 करोड़ के पुल बह गए
UP के लखनऊ, कानपुर, बरेली, चित्रकूट, ललितपुर समेत 15 जिलों में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात हैं।
चित्रकूट में उद्घाटन से पहले ही 51 करोड़ रुपये के 4 पुलों की एप्रोच सड़कों को बारिश बहा ले गई। धारकुंडी आश्रम को जोड़ने वाला पुल भी बह गया, जिससे 10 गांवों का MP से संपर्क कट गया है।
ललितपुर में गोविंद सागर डैम के 17 में से 18 गेट खोलने पड़े।
हिमाचल, महाराष्ट्र, बिहार, असम भी बेहाल
- हिमाचल प्रदेश: 24 दिन में 105 मौतें, 200 से ज्यादा सड़कें बंद।
- महाराष्ट्र: मुंबई और रत्नागिरी में तेज बारिश, कई इलाकों में जलभराव।
- बिहार: किशनगंज और जमुई में जलभराव की स्थिति।
- असम: गुवाहाटी की सड़कों पर पानी भर गया, ट्रैफिक ठप।
रेलवे और हवाई यातायात भी प्रभावित
- राजस्थान में पाली-जोधपुर रेलवे सेक्शन पर मिट्टी बहने से रेल सेवाएं बाधित रहीं।
- IndiGo एयरलाइन ने मुंबई में बारिश के कारण फ्लाइट शेड्यूल में बदलाव की एडवाइजरी जारी की है।
अभी की लाइव स्थिति (15 जुलाई 2025)
- वाराणसी: गंगा 4 सेमी/घंटा की रफ्तार से बढ़ रही, सभी 84 घाट डूबे।
- गोंडा (UP): घाघरा नदी के कटाव से अब तक 60 बीघा ज़मीन बह चुकी है।
- राजस्थान (टोंक): बीसलपुर बांध 75% भर चुका है।
सरकारें अलर्ट मोड पर, लेकिन सवाल कायम
भले ही राज्य सरकारें राहत कार्य में जुटी हों, लेकिन सवाल उठता है कि चित्रकूट में पुलों के उद्घाटन से पहले ही सड़कों का बह जाना क्या भ्रष्टाचार की ओर इशारा नहीं करता? क्या करोड़ों की लागत से बने ये स्ट्रक्चर मानकों पर खरे थे?

देश इस समय मानसून के क्रिटिकल फेज से गुजर रहा है। एक तरफ बारिश राहत भी लाती है, तो दूसरी ओर लापरवाही, घटिया निर्माण और प्रशासनिक सुस्ती बाढ़ जैसी आपदाओं को और विकराल बना देती है।
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