पंजाब से लेकर तमिलनाडु तक बेहाल भारत
punjab india floods update 2025: देश के कई हिस्से इस समय भीषण प्राकृतिक आपदा की चपेट में हैं। एक ओर पंजाब के 23 जिले बाढ़ से जूझ रहे हैं तो दूसरी ओर हिमाचल प्रदेश में लैंडस्लाइड और बादल फटने की घटनाएं लगातार जान-माल का नुकसान कर रही हैं।

पंजाब: हर ज़िला डूबा, 2000 से ज्यादा गांव जलमग्न
पंजाब में 2000 से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी अब तक भरा हुआ है, जिससे लाखों लोग प्रभावित हैं। केंद्र सरकार ने पंजाब को राहत के तौर पर 1600 करोड़ रुपए की सहायता देने की घोषणा की है, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ रोकने के इंतजाम समय रहते नहीं किए गए। खासतौर पर लुधियाना जिले में सतलुज नदी के किनारे बसे गांवों में लोगों की फसलें और घर पूरी तरह डूब गए हैं।
जम्मू-कश्मीर: 16 दिन बाद खुला NH, सप्लाई बहाल
जम्मू-कश्मीर में हालात कुछ बेहतर हुए हैं। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग, जिसे घाटी की जीवनरेखा कहा जाता है, 16 दिनों के बाद दोबारा खोल दिया गया है। लगातार लैंडस्लाइड के कारण यह मार्ग बंद था, जिससे फलों और जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति पर असर पड़ा था। मार्ग खुलते ही घाटी में राहत महसूस की गई है। हालांकि, इसी बीच सियाचिन में हिमस्खलन की एक बड़ी घटना में तीन जवान शहीद हो गए, जो इस मौसम की गंभीरता को और उजागर करती है।
हरियाणा: सामान्य से 46% अधिक बारिश, यमुनानगर में 1000 mm+
हरियाणा में इस वर्ष सामान्य से 46 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। अब तक औसतन 385.1 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन राज्य में 563.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है। सबसे अधिक बारिश यमुनानगर में हुई, जहां आंकड़ा 1080 मिलीमीटर को पार कर गया है। इस अत्यधिक बारिश के कारण कई जिलों में जलभराव और निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।

गुजरात: 16 इंच बारिश, 5 फीट तक पानी
गुजरात के बनासकांठा जिले में भी भारी बारिश ने कहर बरपा रखा है। पिछले दो दिनों में ही 16 इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है, जिससे वाव, थराद और सुईगाम जैसे इलाकों में गांवों की गलियां जलमग्न हो गई हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है, और राहत-बचाव कार्य लगातार चल रहे हैं। यहां तक कि कई जगहों पर पांच फीट तक पानी भर चुका है।
हिमाचल प्रदेश: ₹4156 करोड़ की संपत्ति नष्ट
हिमाचल प्रदेश में स्थिति और भी भयावह है। इस मानसून में अब तक लगभग 4156 करोड़ रुपए की सरकारी और निजी संपत्ति का नुकसान हो चुका है। राज्य में 137 लैंडस्लाइड, 97 बाढ़ की घटनाएं और 45 बादल फटने के मामले सामने आए हैं। मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां 1710 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। इस आपदा में 1237 घर पूरी तरह जमींदोज हो चुके हैं, जबकि 5300 से ज्यादा मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।
उत्तर प्रदेश: प्रयागराज, कानपुर, आगरा डूबे
उत्तर प्रदेश में भी गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है। प्रयागराज और कानपुर में कई घाट पूरी तरह डूब चुके हैं। आगरा में तो स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि श्मशान घाटों में पानी भरने के कारण लोगों को सड़कों के किनारे अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है। 25 से अधिक कॉलोनियों में बाढ़ का पानी घुस गया है और हज़ारों लोग प्रभावित हुए हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें पानी से भरी सड़कों पर एक घोड़ा गाड़ी पलटती दिखाई दे रही है।
राजस्थान: रिकॉर्ड बारिश, अब राहत
राजस्थान में भी इस बार रिकॉर्ड बारिश दर्ज हुई है। बीते 100 दिनों में राज्य में 701.6 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है, जो पिछले दो दशकों में सबसे अधिक है। हालांकि अब मौसम विभाग ने राहत की खबर दी है। अगले एक सप्ताह तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की संभावना नहीं है, और मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा।

छत्तीसगढ़: 200+ मकान ढहे, 2196 लोग राहत शिविरों में
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में बाढ़ के कारण 200 से ज्यादा मकान ढह चुके हैं। चार जिलों – दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा और बस्तर – में स्थिति गंभीर बनी हुई है। लगभग 2196 लोगों को राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है, जहां उन्हें स्कूलों, स्टेडियमों और अन्य सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है। राज्य में अब भी कई जिलों में तेज बारिश का यलो अलर्ट जारी है।
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