india eu fta agreement:भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच 18 साल की लंबी बातचीत के बाद फ्री ट्रेड डील हो गया है। भारत और EU के नेताओं ने 16वें भारत-EU समिट के दौरान इसका ऐलान किया। इस समझौते को 2027 में लागू किए जाने की आशंका है। इस डील के बाद भारत में यूरोपीय कारें जैसे कि BMW, मर्सिडीज पर लगने वाले टैक्स को 110% से घटकर 10% हो जाएगा।
करीब दो दशक के इंतजार के बाद भारत और यूरोपीय संघ आखिरकार फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर एक राय पर पहुंच गए हैं. नई दिल्ली में हुई इस डील को दोनों पक्षों ने ऐतिहासिक बताया है, क्योंकि इसका असर सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की भूमिका और मजबूत होने वाली है.

india eu fta agreement: पीएम बोले: दुनिया की नजर भारत-EU डील पर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,कल ही भारत और European Union के बीच एक बहुत बड़ा एग्रीमेंट हुआ है. दुनिया में लोग इसकी चर्चा ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ के रूप में कर रहे हैं. यह समझौता भारत के 140 करोड़ लोगों और यूरोप के करोड़ों नागरिकों के लिए नए अवसर लेकर आया है.पीएम मोदी के मुताबिक यह समझौता दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को और करीब लाता है. भारत-EU FTA ग्लोबल GDP के लगभग 25 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार के करीब एक-तिहाई हिस्से को कवर करता है. साथ ही यह डेमोक्रेसी और रूल ऑफ लॉ के प्रति साझा प्रतिबद्धता को भी मजबूत करता है.
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india eu fta agreement: 18 पहले से चल रही थी बातचीत
भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच FTA पर बातचीत की शुरुआत 2007 में हुई थी. कई दौर की अटकी हुई वार्ताओं के बाद 18 साल में यह समझौता अब जाकर साइन हो सका है. यूरोपीय संघ की ओर से EU अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के राष्ट्रपति एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा ने इस डील को हरी झंडी दी.
क्यों कहा गया ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’?
EU दुनिया का सबसे बड़ा ट्रेड ब्लॉक है और भारत तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था. दोनों के साथ आने से करीब 200 करोड़ लोगों का संयुक्त बाजार बनेगा. यह डील दुनिया की लगभग 25% GDP को कवर करती है, जो इसे बेहद अहम बनाती है.वैश्विक स्तर पर अमेरिका और चीन के विकल्प तलाशे जा रहे हैं. ऐसे में यह समझौता भारत को चीन के विकल्प के रूप में बड़ा मैन्युफैक्चरिंग हब बना सकता है. पिछले साल भारत-EU का द्विपक्षीय व्यापार करीब 12.5 लाख करोड़ रुपये रहा था. FTA के बाद इसके दोगुना होने की उम्मीद जताई जा रही है.

भारत को क्या-क्या फायदे
भारतीय कपड़े, जूते और लेदर उत्पादों पर लगने वाली 10% तक की ड्यूटी कम या खत्म हो सकती है
गारमेंट, लेदर और फुटवियर सेक्टर को बड़ा बूस्ट
फ्रांस, जर्मनी जैसे देश भारत में डिफेंस फैक्ट्रियां लगा सकते हैं
फार्मा और केमिकल सेक्टर का व्यापार 20–30% सालाना बढ़ सकता है
यूरोप के कार्बन टैक्स से स्टील, एल्युमिनियम और हाइड्रोजन सेक्टर को राहत
यूरोपीय शराब, कारें और इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स भारत में सस्ते हो सकते हैं
This agreement will drive trade, investment and innovation while strengthening our strategic relationship.
It reflects our shared resolve to shape a stable, prosperous and future-ready economic relationship. #IndiaEUTradeDeal @EU_Commission @vonderleyen https://t.co/f65vYIamAl
— Narendra Modi (@narendramodi) January 27, 2026
यूरोप को मिलने वाले फायदे
- भारत में यूरोपियन शराब और वाइन पर टैक्स घट सकता है
- BMW, मर्सिडीज, पॉर्श जैसी कंपनियों के लिए भारतीय बाजार आसान
- अभी 110% तक लगने वाला टैक्स घटकर 40% और आगे चलकर 10% तक आ सकता है
- 15,000 यूरो से महंगी कुछ कारों पर तुरंत टैक्स कटौती पर सहमति
- IT, इंजीनियरिंग, टेलीकॉम और बिजनेस सर्विस सेक्टर को भारत में ज्यादा मौके
