घरेलू मांग, मैन्युफैक्चरिंग और सेवाओं की मजबूती और अनुकूल मानसून
नई दिल्ली: भारत सरकार के वित्त मंत्रालय की जून 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, FY26 की पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था ने मजबूत प्रदर्शन किया है। महंगाई में भारी गिरावट, नौकरियों में तेजी, और ग्रामीण इलाकों में खर्च बढ़ने से अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।

महंगाई में रिकॉर्ड गिरावट
जून 2025 में खुदरा महंगाई 2.1% पर पहुंच गई, जो पिछले 77 महीनों में सबसे कम है। खासतौर पर सब्जियों और दालों की कीमतों में गिरावट ने राहत दी। थोक महंगाई दर भी निगेटिव में चली गई, जिससे उपभोक्ताओं की क्रयशक्ति में इजाफा हुआ।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
मानसून की शानदार शुरुआत और जलाशयों में भरपूर पानी की वजह से खेती-किसानी में सुधार हुआ है। ट्रैक्टर की बिक्री में 9.2% की वृद्धि हुई है, जो ग्रामीण मांग की मजबूती को दर्शाता है। दोपहिया और तिपहिया वाहनों की बिक्री में भी 5.4% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
UPI लेनदेन में जबरदस्त बढ़ोतरी
डिजिटल ट्रांजैक्शंस में 33.3% की सालाना वृद्धि हुई है। यह संकेत करता है कि सामान्य उपभोक्ता खर्च में लगातार मजबूती आ रही है।

रोजगार में उछाल
EPFO के अनुसार मई 2025 में 20.06 लाख नए सदस्य जुड़े, जो अप्रैल 2018 से अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इसमें 59.5% युवा (18-25 वर्ष) शामिल थे, जो पहली बार नौकरी करने वाले हैं। इससे संगठित क्षेत्र में रोजगार के बढ़ते अवसरों का पता चलता है।
सेवाओं और ट्रैवल सेक्टर में उछाल
FY26 की पहली तिमाही में हवाई यात्रियों की संख्या में 6.6% की वृद्धि हुई है, जबकि कार बिक्री में 2.6% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे बढ़ती आय और सेवा क्षेत्र में मांग की पुष्टि होती है।
वित्तीय स्थिति और जोखिम
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत की विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत है और रुपया स्थिर बना हुआ है। हालांकि, अमेरिका की आर्थिक मंदी, वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता और निवेश की सुस्ती कुछ चिंता के विषय बने हुए हैं।

भारत की अर्थव्यवस्था FY26 की दूसरी तिमाही में भी मजबूती से आगे बढ़ने को तैयार है। घरेलू मांग, बेहतर मानसून, नियंत्रित महंगाई और नौकरियों की बढ़ती संख्या इसकी रफ्तार बनाए रखने में मदद करेंगे।
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