India corona cases – deaths new variants 2025 : 3,726 एक्टिव केस और नए वैरिएंट का खतरा
India corona cases – deaths new variants 2025 : कोरोना वायरस एक बार फिर से भारत में चिंता का कारण बनता जा रहा है। देश में कोरोना के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, जिससे स्वास्थ्य विभाग और सरकार सतर्क हो गई है। पिछले 24 घंटे में 700 से अधिक नए कोविड केस सामने आए हैं, जिसके बाद एक्टिव केसों की संख्या अब 3,726 हो चुकी है।
इसके अलावा, 28 मौतें हो चुकी हैं, जिसमें से पिछले 24 घंटों में 6 लोगों की जान गई। सबसे चिंताजनक बात यह है कि बेंगलुरु में 63 वर्षीय व्यक्ति की मौत हुई, जिनको दोनों डोज और बूस्टर डोज भी दी जा चुकी थी।
तो क्या भारत में कोरोना वायरस का खतरा फिर से बढ़ रहा है? आइए जानते हैं।
कोरोना से बढ़ती मौतें और एक्टिव केस: आंकड़ों की जटिलता
देश में कोरोना से 28 मौतें हो चुकी हैं, जिनमें से महाराष्ट्र में 7 मौतें हुई हैं। दिल्ली में 60 साल के एक बुजुर्ग की मौत हुई है, जबकि बेंगलुरु में वैक्सीनेशन के बावजूद 63 वर्षीय व्यक्ति की मौत ने सबको चौंका दिया है।
कर्नाटक सरकार ने मास्क पहनने और शारीरिक दूरी बनाए रखने की सख्त सलाह दी है। इसके साथ ही, स्वच्छता का ध्यान रखने और बुखार, खांसी, सीने में दर्द या सांस लेने में दिक्कत होने पर तुरंत कोविड जांच कराने की अपील की है।
मिजोरम में कोविड का पहला केस: 7 महीने बाद
मिजोरम में 7 महीने बाद कोविड-19 का पहला केस सामने आया है। राज्य में 2 लोग कोविड-19 से संक्रमित पाए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि मिजोरम में आखिरी कोविड केस अक्टूबर 2024 में था, जब 73 लोग संक्रमित हुए थे।
स्वास्थ्य विभाग ने कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने, हाथ धोने, और हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। इसके अलावा, लोगों से भीड़-भाड़ वाले स्थानों से बचने की अपील की गई है।
महाराष्ट्र और दिल्ली में कोविड के बढ़ते मामले
महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटे में 68 नए कोविड मामले सामने आए हैं, जिनमें से मुंबई में 749 एक्टिव केस हैं। राज्य में अब तक 9,592 कोविड-19 टेस्ट किए जा चुके हैं। वहीं, जम्मू-कश्मीर में भी दो नए कोविड मामले सामने आए हैं, जो केरल के रहने वाले हैं और श्रीनगर के एक डेंटल कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं।
भारत में मिले कोविड के चार नए वैरिएंट: चिंता और सतर्कता
भारत में कोरोना वायरस के चार नए वैरिएंट सामने आए हैं। ICMR के डायरेक्टर, डॉ. राजीव बहल ने बताया कि दक्षिण और पश्चिम भारत से कुछ नए वैरिएंट्स की सीक्वेंसिंग की गई है, जिनमें शामिल हैं:
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LF.7
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XFG
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JN.1
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NB.1.8.1
इन वैरिएंट्स की पहचान के बाद, स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है और इन पर निगरानी रखी जा रही है। हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इन वैरिएंट्स को चिंताजनक नहीं माना है, लेकिन इन्हें निगरानी में रखा गया है।
NB.1.8.1 वैरिएंट: क्या ये ज्यादा खतरनाक है?
वैरिएंट NB.1.8.1 में कुछ स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन पाए गए हैं, जैसे A435S, V445H, और T478I। ये म्यूटेशन कोविड के खिलाफ बनी इम्यूनिटी से बच सकते हैं और तेजी से फैल सकते हैं। यही कारण है कि यह वैरिएंट अन्य वैरिएंट्स की तुलना में ज्यादा संक्रामक हो सकता है।
JN.1 वैरिएंट: क्या ये सबसे आम है?
भारत में JN.1 वैरिएंट सबसे आम पाया जा रहा है। टेस्टिंग में आधे से ज्यादा सैंपल में यह वैरिएंट पाया गया है। इसके बाद BA.2 (26 प्रतिशत) और ओमिक्रॉन (20 प्रतिशत) वैरिएंट्स के मामले सामने आ रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में कोविड प्रोटोकॉल का पालन
उत्तर प्रदेश के इटावा सफारी पार्क को कोविड के बढ़ते मामलों के कारण 14 मई को बंद कर दिया गया था, लेकिन 29 मई से इसे कोविड प्रोटोकॉल के साथ खोला गया। यह कदम महामारी के दौरान सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
क्या करें: सावधानी और सतर्कता
अब सबसे बड़ी बात यह है कि कोरोना वायरस के मामलों में बढ़ोतरी के बावजूद, कोविड वैक्सीनेशन के बाद भी मौतें हो रही हैं। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि हम सतर्क रहें और स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का पालन करें।
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मास्क पहनें।
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स्वच्छता का ध्यान रखें।
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सांस लेने में दिक्कत, खांसी या बुखार होने पर तुरंत जांच कराएं।
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भीड़-भाड़ वाले स्थानों से बचें।
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हैंड सैनिटाइज़र का इस्तेमाल करें।
कोरोना की स्थिति पर एक नजर
भारत में कोरोना के मामले फिर से बढ़ने लगे हैं, और IAEA द्वारा पुष्टि किए गए नए वैरिएंट्स हमें सतर्क करते हैं। वैक्सीनेशन के बावजूद मौतों की संख्या में बढ़ोतरी और नए वैरिएंट्स का फैलाव चिंता का कारण है। इसलिए, सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने सावधानी बरतने की अपील की है और हमें भी सतर्क रहकर कोरोना के खिलाफ लड़ाई में योगदान देना होगा।
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