Census 2026 penalties: सरकार ने जनगणना की तैयारी शुरू कर दी है। इधर, उत्तराखंड में भी जनगणना की तैयारी जोरो से चल रही है। पूरे राज्य में 10 अप्रैल से स्वगणना शुरू हो हो जाएगी। जनगणना के दौरान यदि कोई अपने बारे में गलत जानकारी भरता है तो उस पर जुर्माना लग सकता है। यही नहीं, जनगणना में रुकावट डालने पर भी जुर्माने का प्रावधान है।

1000 रुपये तक जुर्माना
निदेशालय की तरफ से नोटिफिकेशन जारी किया गया। स्वगणना के 15 दिन इस प्रक्रिया के बाद 25 अप्रैल से 24 मई तक भवन गणना की जाएगी। इसको लेकर ड्यूटी और जवाबदेही के परिस्थिति में जारी नोटिफिकेशन में सख्त नियम हैं। यदि कोई व्यक्ति जनगणना के दौरान गलत जानकारी दर्ज कराता है तो 1000 रुपये तक जुर्माना लग सकता है। जनगणना में बाधा डालने पर या जनगणना कार्यालय में बिना इजाजत प्रवेश करने भी 1000 के जुर्माने का प्रावधान है।
ड्यूटी से इनकार किया तो जेल
कोई कर्मचारी ड्यूटी से इनकार करता है तो 3 साल तक कैद हो सकती है। नोटिफिकेशन के मुताबिक, जनगणना के दौरान कोई भी अपने मकान पर पोस्टर चिपकाने या नंबर आदि लिखने से भी इनकार नहीं कर सकता। पोस्टर हटाने या लिखा हुआ मिटाए जाने पर भी कार्रवाई हो सकती हैं। केंद्र से जारी हुए नोटिफिकेशन में कहा गया है कि कई जगह परिवार की महिला सदस्य का नाम नहीं बताए जाने की परंपरा है। जबकि, कहीं पर महिला पति का नाम नहीं लेतीं। ऐसी कंडिशन में दोनों को ही नाम न बताने की छूट दी गई है। हालांकि, यह व्यवस्था उन्हीं इलाकों के लिए है, जहां पर इस तरह की परंपरा है।
Census 2026 penalties: फाइल पढ़ने पर कार्रवाई
नोटिफिकेशन के अनुसार, जनगणना से जुड़ी फाइल, दस्तावेज या रजिस्टर खोलने या पढ़ने की इजाजत किसी को भी नहीं होगी। जनगणना ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के अलावा इन्हें कोई भी पढ़ नहीं सकता। साथ ही जनगणना के काम में लगे कर्मचारियों के लिए भी नियमों का पालन करना जरूरी है।
