india boycotts sco statement: राजनाथ ने पाक मंत्री से नहीं मिलाया हाथ!
india boycotts sco statement: चीन के किंगदाओ में आयोजित शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (SCO) की बैठक में भारत ने एक बड़ा और सख्त संदेश दिया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने न केवल पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ से दूरी बनाई, बल्कि भारत ने साझा दस्तावेज़ (Joint Statement) पर भी हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया।
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क्यों भारत ने SCO साझा दस्तावेज़ पर साइन नहीं किए?
इस साल मई में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक बड़ा आतंकी हमला हुआ था, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा जैसे पाक समर्थित संगठनों के शामिल होने की आशंका जताई गई। SCO के जॉइंट स्टेटमेंट में बलूचिस्तान में हमले का जिक्र तो था, लेकिन पहलगाम हमले का कोई उल्लेख नहीं किया गया। भारत ने इसे अस्वीकार्य मानते हुए इस पर साइन करने से इनकार कर दिया।
राजनाथ सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा,
“सीमा पार आतंकवाद भारत की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। हमने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर इसी खतरे को जवाब देने के लिए चलाया था।”
भारत की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी पर फिर जोर
राजनाथ सिंह ने SCO मंच से आतंकवाद को लेकर भारत की सख्त नीति को दोहराया। उन्होंने कहा,
“हमारी नीति आतंकवाद के प्रति Zero Tolerance की है। भारत न सिर्फ आतंक को सहन नहीं करता, बल्कि अब उसका जवाब भी देता है। SCO को भी दोहरे मानकों से बचना चाहिए और आतंक के सभी स्वरूपों की कड़ी निंदा करनी चाहिए।”
पाकिस्तान से कोई औपचारिक मुलाकात नहीं
बैठक में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ भी मौजूद थे, लेकिन राजनाथ सिंह ने न तो उनसे कोई बातचीत की और न ही किसी द्विपक्षीय बैठक में हिस्सा लिया। भारत ने साफ संकेत दिया कि आतंक और बातचीत एक साथ नहीं हो सकते।
भारत के 4 अहम बिंदु SCO बैठक में
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आतंकवाद सबसे बड़ी चुनौती:
कट्टरपंथ और उग्रवाद वैश्विक शांति के लिए खतरा हैं। इन्हें जड़ से खत्म करने के लिए एकजुट प्रयास की जरूरत है। -
आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस:
भारत ने बार-बार यह सिद्ध किया है कि वह आतंकवादियों और उनके ठिकानों पर कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा। -
संवाद जरूरी है:
कोई भी देश अकेले इन वैश्विक चुनौतियों से नहीं निपट सकता। Dialogue over conflict का सिद्धांत अपनाना होगा। -
ग्लोबल क्राइसेज़ के खिलाफ एकजुटता:
महामारी, जलवायु परिवर्तन, साइबर क्राइम जैसी समस्याएं किसी एक देश की नहीं हैं। इनसे निपटने के लिए सामूहिक प्रयास ज़रूरी हैं।
SCO क्या है?
Shanghai Cooperation Organization (SCO) एक क्षेत्रीय अंतरराष्ट्रीय संगठन है जिसकी स्थापना 2001 में हुई थी। इसके प्रमुख सदस्य हैं—चीन, रूस, भारत, पाकिस्तान, कजाकिस्तान, ताजिकिस्तान, किर्गिस्तान, उज्बेकिस्तान और हाल ही में ईरान। इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आर्थिक, राजनैतिक और सुरक्षा सहयोग बढ़ाना है।
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India refuses to sign SCO statement एक ऐसा फैसला है जो भारत की कूटनीतिक नीति की गंभीरता को दर्शाता है। यह एक स्पष्ट संदेश है कि भारत अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद पर समझौता नहीं करेगा। राजनाथ सिंह का यह स्टैंड दर्शाता है कि India is ready to walk alone for the right cause, और अब भारत की आवाज़ को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

