₹4000 करोड़ के प्रोजेक्ट से नई कनेक्टिविटी का रास्ता खुला
india bhutan rail project: भारत और भूटान के बीच एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए पहली बार ट्रेन सेवा शुरू होने जा रही है। यह कदम दोनों देशों के बीच सशक्त कनेक्टिविटी को एक नया आयाम देने वाला है। यह केवल एक रेल प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि एक नई साझेदारी की शुरुआत है, जो आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को मजबूत करने में मदद करेगी। विदेश सचिव विक्रम मिसरी और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस पहल की घोषणा की और इसके महत्व को विस्तार से बताया। इस ऐतिहासिक परियोजना की लागत ₹4000 करोड़ है, और यह भारत और भूटान के बीच रेल नेटवर्क को पहली बार जोड़ने का काम करेगी।

भारत और भूटान के बीच रेल मार्गों का निर्माण पिछले साल प्रधानमंत्री मोदी की भूटान यात्रा के दौरान हुई बातचीत का परिणाम है। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए थे, जिसके बाद इन दोनों महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई।
india bhutan rail project : इस नई रेल सेवा के तहत,
भारत के असम राज्य के कोकराझार से भूटान के गेलेफू तक और पश्चिम बंगाल के बनरहाट से भूटान के सामत्से तक दो रेल लाइनें बिछाई जाएंगी। इन दोनों लाइनों की कुल लंबाई 89 किमी है, और इन पर ₹4000 करोड़ खर्च किए जाएंगे। विशेष बात यह है कि यह परियोजना भारत सरकार की पूरी मदद से चल रही है। भारत सरकार ने भारतीय रेलवे द्वारा अपनी तरफ से इस प्रोजेक्ट का खर्च उठाने का निर्णय लिया है, जबकि भूटान की ओर से काम भूटान की 5-वर्षीय योजना के तहत किया जाएगा।
अभी तक पश्चिम बंगाल में हासीमारा तक ट्रेन सेवा थी,
लेकिन अब यह ट्रेन सीधे भूटान के गेलेफू तक पहुंचेगी, जिससे भूटान और भारत के बीच कनेक्टिविटी और सशक्त होगी। यह परियोजना दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देगी।
भारत की पड़ोसी देशों में रेल कनेक्टिविटी का विस्तार
भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अपने पड़ोसी देशों के साथ रेल नेटवर्क को जोड़ने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। एक ओर जहां भारत और बांग्लादेश के बीच अगरतला से अखौरा तक रेलमार्ग का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, वहीं भारत और म्यांमार के बीच भी मिजोरम और मणिपुर से रेल मार्ग बिछाने की योजना थी। हालांकि, म्यांमार में हुए सैन्य तख्तापलट के बाद इस परियोजना में रुकावट आ गई है।
india bhutan rail project : भारत का उद्देश्य
इन रेल लिंक के माध्यम से न सिर्फ दक्षिण एशियाई देशों, बल्कि दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों को भी भारत से जोड़ना है। विशेष रूप से, ट्रांस-एशियाई रेल लिंक परियोजना के तहत म्यांमार, थाइलैंड, कंबोडिया, और अन्य देशों को भारतीय रेल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।

india bhutan rail project : भारत-भूटान संबंधों में नई कड़ी
भारत और भूटान के बीच ऐतिहासिक रूप से बहुत अच्छे और मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। यह रेल प्रोजेक्ट इन संबंधों को और मजबूत करने का एक और कदम है। भूटान में भारतीय रेल नेटवर्क की बढ़ती उपस्थिति न केवल दोनों देशों के बीच यात्रा को सरल बनाएगी, बल्कि व्यापारिक सहयोग को भी बढ़ावा देगी।
भारत और भूटान के बीच यह रेल परियोजना एक नई कड़ी बनकर उभरेगी, जो न केवल लोगों की आवाजाही को सुगम बनाएगी, बल्कि व्यापार, शिक्षा, और पर्यटन क्षेत्रों में भी नए अवसर खोलेगी।
