IND vs ENG 1st Test: हेडिंग्ले में खेले गए तेंदुलकर-एंडरसन ट्रॉफी के पहले टेस्ट में इंग्लैंड ने भारत को 5 विकेट से हराकर सीरीज का शानदार आगाज किया। इंग्लैंड को आखिरी दिन जीत के लिए 350 रनों की जरूरत थी, जिसे टीम ने बेन डकेट और जो रूट की दमदार पारियों की बदौलत हासिल कर लिया। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है।
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IND vs ENG 1st Test: बेन डकेट का शतक और क्रॉली के साथ बड़ी साझेदारी…
इंग्लैंड की जीत के हीरो रहे बेन डकेट, जिन्होंने 170 गेंदों में 149 रनों की शानदार पारी खेली। उन्होंने जैक क्रॉली के साथ पहले विकेट के लिए 188 रन की अहम साझेदारी की। क्रॉली ने 126 गेंदों में 7 चौकों की मदद से 65 रन बनाए। इस जोड़ी ने शुरुआत से ही रन रेट करीब 4 रखा, जिससे विशाल लक्ष्य का पीछा आसान हुआ।

जो रूट और स्मिथ ने जीत की कहानी को अंजाम तक पहुंचाया
बेन डकेट के आउट होने के बाद जो रूट ने पारी को संभाला। उन्होंने पहले स्टोक्स के साथ 49 रन और फिर जेमी स्मिथ के साथ नाबाद 71 रन की साझेदारी की। जो रूट ने 84 गेंदों में 6 चौकों की मदद से नाबाद 53 रन बनाए, जबकि स्मिथ ने नाबाद 44 रन जोड़े। इस संयमित बल्लेबाज़ी ने इंग्लैंड को लक्ष्य तक पहुंचा दिया।\

भारतीय गेंदबाजी में दिखा बुमराह का दम…
भारतीय गेंदबाजों में सिर्फ शार्दुल ठाकुर और प्रसिद्ध कृष्णा को 2-2 विकेट मिले। जसप्रीत बुमराह ने एक छोर से लगातार दबाव बनाए रखा, लेकिन उन्हें उतना साथ नहीं मिला। मोहम्मद सिराज ने बेहतर लाइन-लेंथ से गेंदबाजी की लेकिन विकेट नहीं मिला, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा काफी महंगे साबित हुए और उन्होंने 6 की इकॉनमी से रन दिए।

खराब फील्डिंग 9 कैच हुए ड्रॉप..
मैच में भारतीय फील्डिंग बेहद निराशाजनक रही। भारत ने कुल 9 कैच छोड़े, जिनमें से 6 पहली पारी और 3 दूसरी पारी में ड्रॉप हुए। अकेले यशस्वी जायसवाल ने 4 कैच टपकाए, जिससे इंग्लिश बल्लेबाजों को जीवनदान मिला। ओली पोप और बेन डकेट को 2-2 मौके मिले, जिनका उन्होंने पूरा फायदा उठाया।
ग्राउंड फील्डिंग भी ढीली रही, जिससे दबाव नहीं बन सका।

मिडिल और लोअर ऑर्डर रहा फेल..
भारत की बल्लेबाजी दोनों पारियों में अच्छी शुरुआत के बावजूद टिक नहीं पाई। पहली पारी में, भारत ने मजबूत स्थिति में रहते हुए आखिरी 6 विकेट मात्र 41 रन पर गंवा दिए। करुण नायर (0), रविंद्र जडेजा (11), और शार्दूल ठाकुर (1) जैसे बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सके।
वहीं दूसरी पारी में, जब टीम 5 विकेट पर 333 रन बना चुकी थी, उसके बाद आखिरी 5 बल्लेबाज केवल 31 रन ही बना पाए थे। करुण नायर (20), जडेजा (25), शार्दूल (4) फिर असफल रहे। दूसरी में 400 पार का आंकड़ा नहीं छू सकी, जिससे इंग्लैंड को मजबूत लक्ष्य नहीं मिल सका।
इतिहास रचने वाला टेस्ट: चारों पारियों में बने 350+ रन
हेडिंग्ले टेस्ट क्रिकेट के इतिहास का सिर्फ तीसरा ऐसा टेस्ट मैच बन गया है, जिसमें चारों पारियों में 350 या उससे ज्यादा रन बने। इससे पहले:
1921, एडिलेड – ऑस्ट्रेलिया (354 & 582) vs इंग्लैंड (447 & 370)
1948, हेडिंग्ले – इंग्लैंड (496 & 365/8) vs ऑस्ट्रेलिया (458 & 404/3)
2025, हेडिंग्ले – भारत (471 & 364) vs इंग्लैंड (465 & 350/5*)
यह मुकाबला न केवल रोमांचक रहा, बल्कि टेस्ट क्रिकेट की गहराई और गुणवत्ता को भी दर्शाता है।
