IND vs AUS: बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी का 5वां टेस्ट तीन दिन के अंदर-अंदर ही खत्म हो गया। टीम इंडिया 6 विकेट से इस मुकाबले को हार गई। रविवार को मुकाबले के तीसरे दिन भारत ने दूसरी पारी में 162 रन का टारगेट दिया। इसे ऑस्ट्रेलिया ने 4 विकेट खोकर हासिल कर BGT 3-1 से अपने नाम कर ली।
IND vs AUS: टीम इंडिया का टॉप ऑर्डर इस मैच में फेल रहा। यही भारत की हार की सबसे बड़ी वजह बनी। भारत, ऑस्ट्रेलिया से टेस्ट सीरीज तो हारा, साथ ही वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2025 के फाइनल में भी क्वालीफाई नहीं कर पाया।
Read More: Chahal-Dhanashree: लॉकडाउन में शादी, अब पत्नी से अलग हो रहा ये क्रिकेटर!
IND vs AUS: भारत की हार का कौन जिम्मेदार
1. रोहित शर्मा
Indian Team की हार में सबसे बड़ा रोल कप्तान रोहित शर्मा का रहा। उनकी गैरमौजूदगी में भारत ने जसप्रीत बुमराह की कप्तानी में पर्थ टेस्ट को 295 रनों से जीता था। मगर अगले 3 मैचों में रोहित शर्मा के प्रदर्शन और उनकी डिफेंसिव कप्तानी की भी जमकर आलोचना हुई। रोहित ने 3 मैच खेले, जिनकी 5 पारियों में वो सिर्फ 31 रन ही बना पाए।
बैटिंग ऑडर में ऋषभ पंत ही दोनों पारियों में टॉप स्कोरर रहे, उनके अलावा कोई भी बैटर 30 रन नहीं बना सका। यशस्वी, राहुल, शुभमन और विराट चारों ही अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके।
2. विराट कोहली
विराट कोहली बॉर्डर-गावस्कर इतिहास में 42 पारियों में 1,979 रन बना चुके थे। लेकिन पर्थ टेस्ट में वो 9 पारियों में केवल 190 रन ही बना पाए। पर्थ टेस्ट की दूसरी पारी में आई शतकीय पारी को छोड़ दिया जाए तो विराट 8 पारियों में केवल 90 रन ही बना पाए। कोहली जैसे दिग्ग्ज बैटर का परफॉर्म नहीं कर पाना भी भारत की हार की बड़ी वजह बनी।
3. शुभमन गिल
पिछली 4 बार से चेतेश्वर पुजारा बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में 3 नंबर पर खेलते हुए खूब सारे रन बनाते आ रहे थे। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2018-19 में पुजारा ने 7 पारियों में 521 रन ठोक डाले थे। पुजारा इस सीरीज के इतिहास में 2,033 रन बना चुके हैं। वहीं हालिया सीरीज में गिल ने तीसरे नंबर पर बैटिंग करते 5 पारियों में केवल 93 रन ही बनाए।
4. बुमराह की इंजरी
जसप्रीत बुमराह दूसरे दिन पहली पारी में बॉलिंग करने के दौरान इंजर्ड हो गए थे। वह स्कैन कराने के लिए गए, जहां बैक स्पास्म की तकलीफ सामने आई। वह दूसरी पारी में बॉलिंग नहीं कर सके, जिससे इंडिया कंगारूओं पर दबाव नहीं बना पाई। बुमराह अगर फिट रहते तो ऑस्ट्रेलिया को टारगेट चेज करने में मुश्किल होती।
5. अच्छी पिच का फायदा नहीं उठा सके बॉलर्स
IND vs AUS: बुमराह भले ही इंजर्ड थे, लेकिन पहली पारी में टीम ने उनके बिना भी ऑस्ट्रेलिया को ऑलआउट किया था। सिडनी की पिच बैटर्स के लिए चैलेंजिंग थी, इसके बावजूद भारत के बॉलर्स कंगारू बैटर्स को रोक नहीं सके। सिराज और जडेजा की गेंदबाजी कमाल नहीं कर पाई।
