स्टाफ की भारी कमी
डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री के समक्ष स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से संबंधित कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। उन्होंने बताया कि प्रदेश के कई जिलों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) में संसाधनों की कमी और स्टाफ की भारी कमी एक गंभीर समस्या है। इन केंद्रों पर बुनियादी सुविधाओं, जैसे दवाइयाँ, चिकित्सा उपकरण, और प्रशिक्षित कर्मचारियों की अनुपस्थिति, मरीजों को समय पर उपचार देने में बाधा उत्पन्न करती है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की तैनाती और उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।

IMO Chairman Met CM Yogi: सुधार की मांग
डॉ. यादव ने चिकित्सकों की कार्य परिस्थितियों पर विशेष ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि कई डॉक्टरों को लंबे समय तक काम करना पड़ता है, बिना पर्याप्त अवकाश या सुरक्षा के। इसके अलावा, ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में तैनात डॉक्टरों को आवास, परिवहन, और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि डॉक्टरों के लिए बेहतर कार्य वातावरण और प्रोत्साहन योजनाएँ शुरू की जाएँ, ताकि वे पूरे समर्पण के साथ सेवा दे सकें।
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प्रशिक्षु डॉक्टरों की समस्याएँ
मुलाकात के दौरान प्रशिक्षु डॉक्टरों की समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। डॉ. यादव ने बताया कि मेडिकल कॉलेजों और प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षु डॉक्टरों को अक्सर अपर्याप्त स्टैपेंड, लंबे कार्य घंटे, और उचित मार्गदर्शन की कमी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया कि प्रशिक्षु डॉक्टरों की सेवा शर्तों में सुधार किया जाए और उनके लिए बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ। इससे न केवल उनकी कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि भविष्य में प्रदेश को अधिक कुशल चिकित्सक भी मिलेंगे।
IMO Chairman Met CM Yogi: स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार के सुझाव
डॉ. यादव ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए कई सुझाव दिए। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाने और मौजूदा कॉलेजों में अत्याधुनिक सुविधाएँ प्रदान करने की बात कही। साथ ही, उन्होंने आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना जैसी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन पर जोर दिया, ताकि गरीब और जरूरतमंद मरीजों को मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएँ मिल सकें। इसके अलावा, उन्होंने डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही, जैसा कि हाल ही में शुरू की गई AI प्रज्ञा पहल में देखा गया है।
