ठेकेदारों द्वारा हो रहा अवैध मुरम का उत्खनन
Betul awaidh khanan: खबर मध्यप्रदेश के बैतूल जिले से है जहां रेलवे की तीसरी लाइन के निर्माण के नाम पर ठेकेदारों द्वारा अवैध मुरम उत्खनन का मामला सामने आया है। बतादें कि रेलवे के तीसरी लाइन के काम के लिए केईसी कंपनी ने टेंडर प्राप्त किया है, जो छोटे क्षेत्रों में बाहरी राज्यों के ठेकेदारों को मुरम डालने का काम दे रही है। यह ठेकेदार अब जिले के किसानों को समतलीकरण के नाम पर गुमराह करके, एसडीएम से अनुमति प्राप्त कर मुरम का उत्खनन कर रहे हैं।

किसानों के खेतों से निकाला जा रहा मुरम
बतादें कि इन ठेकेदारों ने खनिज विभाग से मुरम के परिवहन की अनुमति भी ली है, और किसानों के खेतों से कई हेक्टेयर में मुरम का उत्खनन किया जा रहा है। एक ही ठेकेदार ने 4 स्थानों से मुरम का उत्खनन किया है, जिसमें सरकारी और रेलवे की ज़मीन भी शामिल है।
अवैध उत्खनन में काटे जा रहे पेंड़-पौधे
Betul awaidh khanan: हालांकि इस मामले में अब तक खनिज विभाग और प्रशासनिक टीम का निरीक्षण नहीं हुआ है, जिसका सीधा फायदा ठेकेदारों को मिल रहा है। इन अवैध उत्खनन की वजह से पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुँच रहा है, क्योंकि हरे-भरे पेड़ों को काटा जा रहा है।
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किसानों को इस धोखाधड़ी का कोई अंदाजा नहीं है और समतलीकरण के नाम पर खदानों से अवैध मुरम उत्खनन जारी है। विभागीय अधिकारियों के संरक्षण के चलते अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या कलेक्टर और रेलवे अधिकारी इस मामले का संज्ञान लेंगे या फिर जिले में खनिजों का अवैध उत्खनन इसी तरह चलता रहेगा।
किसान का कहना

जब इस मामले में किसान से बातचीत की गई तो सुमित नरवरे किसान ने बताया कि हमें तो किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं थी,हमें समतलीकरण के नाम पर गुमराह किया गया था।
मजदूर का कहना
तो वहीं जब मजदूर से पूछा गया तो मजदूर ने कहा कि हमारा काम तो मुरम की खुदाई करना था, हमें नहीं पता था कि यह अवैध तरीके सो हो रहा है।
खनिज अधिकारी का कहना

तो वहीं मनीष पालेवार,खनिज अधिकारी ने कहा कि हम इस मामले को गंभीरता से देख रहे हैं और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
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Betul awaidh khanan: लेकिन अब देखना होगा कि साशन प्रशासन इस मामले में क्या और कबतक कार्रवाई करता है।
