मध्य प्रदेश के देवास जिले के ग्राम जामगोद में अवैध उर्वरक निर्माण और भंडारण का बड़ा मामला सामने आया है। कृषि विभाग की टीम ने छापेमारी कर सैकड़ों बोरियां नकली उर्वरक से भरी हुई पाई जिसके बाद गोदाम को सील कर दिया गया है। इस मामले में मेसर्स सदाशिव फर्टिलाईजर्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधक मोहित चौधरी के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचना के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
छापेमारी के दौरान बरामद सामग्री
गोदाम से 180 से अधिक भरी हुई उर्वरक बोरियां और हजारों खाली पैकिंग बैग बरामद किए गए हैं। यह गोदाम जामगोद में सचिन पटेल की जमीन पर स्थित था, जहां 1 सितंबर से 16 अक्टूबर तक अवैध रूप से उर्वरक का भंडारण किया जा रहा था। अधिकारियों के अनुसार, यह उर्वरक किसानों को बेचे जाने की योजना थी, जिससे कृषि उपज को भारी नुकसान हो सकता था।
मोहित चौधरी के खिलाफ FIR
मोहित चौधरी, जो नासिक, महाराष्ट्र के निवासी हैं, पर आरोप है कि उन्होंने अवैध उर्वरक निर्माण और भंडारण का प्रबंध किया था। उनके खिलाफ उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है। देवास के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी गोपेश पाठक ने बताया कि इस कार्रवाई से किसानों को बड़े नुकसान से बचाया गया है।
किसान समुदाय में हड़कंप
इस बड़ी कार्रवाई के बाद किसान समुदाय में चिंता की लहर दौड़ गई है। अवैध उर्वरकों के उपयोग से फसलों और जमीन की उपजाऊ क्षमता पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता था। पुलिस ने इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जांच जारी
अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान और भी खुलासे हो सकते हैं। यह मामला किसानों की सुरक्षा और कृषि उत्पादकता को ध्यान में रखते हुए बेहद गंभीर है।
