illegal colony on irrigation department land : मछली परिवार का आपराधिक इतिहास और अवैध कॉलोनी की रणनीति
मछली परिवार पहले से ही ड्रग्स तस्करी, यौन शोषण, अवैध निर्माण, और सरकारी जमीनों पर कब्जा जैसे गंभीर अपराधों के लिए जाना जाता है। ताजा खुलासे में पता चला कि अनंतपुर के इलाके में सिंचाई विभाग की सरकारी जमीन पर ‘आनंद लेक सिटी’ नाम से एक कॉलोनी कटाई गई। इस कॉलोनी के प्लॉट्स बिना किसी वैध अप्रूवल के बेचे गए और यह कॉलोनी नगर निगम या टीएंडसीपी से स्वीकृत नहीं थी। बावजूद इसके वहां सभी मूलभूत सुविधाएँ – सड़कें, बिजली के खंभे, ट्रांसफॉर्मर आदि – प्रशासन की मिलीभगत से उप्लब्ध हो गईं।

सीमांकन के बाद पता चला कि इस विभागीय ज़मीन पर प्लॉटिंग करके 20 से ज्यादा मकान, दुकानें, स्कूल, हॉस्टल, प्राइवेट स्कूल, पेट्रोल पंप आदि अवैध रूप से बनाए गए हैं। इसके अलावा, पशुपालन, कृषि, और अन्य विभागों की जमीन का प्रयोग भी फर्जी तरीके से किया गया है, जिसकी वजह से प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी पड़ी।
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मुस्लिम समुदाय को ही प्लॉट बिक्री : रणनीति और प्रभाव
रिपोर्ट्स के अनुसार, मछली परिवार द्वारा प्लॉट्स केवल मुस्लिम समुदाय के लोगों को ही बेचे गए और सारे सौदे अवैध अनुबंध और दानपत्र के रूप में किए गए। जमीन की कीमत 1.5–2.5 लाख रुपये प्रति प्लॉट बताई गई, लेकिन कोई भी वैध रजिस्ट्री नहीं कराई गई थी। इससे अवैध कॉलोनी के निवासी लगातार कानूनी संकट में फँस चुके हैं क्योंकि प्रशासन ने अब सभी को नोटिस जारी कर दिए हैं और अतिक्रमण हटाने की शुरुआत कर दी है।

illegal colony on irrigation department land : प्रशासन की ओर से कार्रवाई शुरू होते ही कई अवैध इमारतें ध्वस्त की गईं। मछली परिवार समेत 20 आरोपियों को जमीन सीमांकन के वक्त मौजूद रहना अनिवार्य किया गया है और सभी पर कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है। यह मामला इसलिए भी ज्वलंत है क्योंकि सरकारी भूमियों पर इस पैमाने पर अतिक्रमण, और फिर एक विशेष समुदाय को नाजायज तौर पर ज़मीन देकर वोट-बैंक या अन्य लाभ हेतु इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है।
भोपाल का मछली परिवार अवैध कॉलोनी निर्माण, सरकारी ज़मीन पर कब्जा और समुदाय विशेष के बीच प्लॉट वितरण जैसे गंभीर अपराधों के चलते राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है। प्रशासन द्वारा अवैध इमारतों पर बुलडोजर चलाना, नोटिस भेजना और कार्रवाई की प्रक्रिया बताती है कि अब ऐसे मामलों में सख्ती बरती जा रही है।
