IIT Kanpur Sexual Exploitation Case: IIT कानपुर यौन शोषण मामले में नया मोड़ आ गया है। निलंबित सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) मोहसिन खान की पत्नी सुहैला सैफ पहली बार मीडिया के सामने आईं और IIT कानपुर की PHD स्कॉलर पर उनके पति को हनीट्रैप में फंसाने का गंभीर आरोप लगाए। सुहैला ने कहा –
IIT स्कॉलर ने मेरे शौहर को हनीट्रैप में फंसाया। साथ रहने के बहाने उसके मंसूबे क्या थे, यह हम कोर्ट में साबित करेंगे। चाहे हालात कैसे भी हो, मैं अपने शौहर के लिए इंसाफ की लड़ाई लड़ती रहूंगी।”
SIT की जांच में मिले सबूत
बता दे कि, पिछले साल 12 दिसंबर 2024 को IIT कानपुर की एक PHD स्कॉलर ने ACP मोहसिन खान के खिलाफ कल्याणपुर थाने में शादी का झांसा देकर यौन शोषण का मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद मोहसिन को पुलिस मुख्यालय, लखनऊ अटैच कर दिया गया। 19 दिसंबर 2024 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी और चार्जशीट दाखिल करने पर रोक लगा दी। करीब 3 महीने बाद, मार्च 2025 में SIT की जांच में सबूत मिलने के बाद पुलिस मुख्यालय ने मोहसिन को निलंबित कर दिया।
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‘ACP को फंसाया गया’

मीडिया से बात करते हुए भावुक हो गई, और गुस्से भरे लहजे में कहा –
IIT स्कॉलर ने उनके पति को जानबूझकर फंसाया। उन्होंने दावा किया कि स्कॉलर पहले ही उनसे मिल चुकी थी और उसके इरादे शुरू से गलत थे। स्कॉलर ने उनके परिवार को धमकाया और झूठे मुकदमे में फंसाने की कोशिश की।
सुहैला ने इस मामले में कोर्ट का रुख किया है, और स्कॉलर के खिलाफ धमकाने और झूठे आरोप लगाने की शिकायत दर्ज की है।
IIT Kanpur Sexual Exploitation Case: IIT स्कॉलर के जवाबी आरोप
मामले में दूसरी ओर PHD स्कॉलर ने मोहसिन और उनके वकील गौरव दीक्षित पर मानहानि और धमकाने का आरोप लगाते हुए एक और FIR दर्ज कराई थी। स्कॉलर का कहना है कि मोहसिन ने अपनी पावर का इस्तेमाल कर उसे डराने-धमकाने की कोशिश की। उसने अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि वह मोहसिन के रसूख के कारण IIT कैंपस से बाहर नहीं निकल पा रही है। मोहसिन और उनकी मां ने उस पर इस्लाम अपनाने और निकाह का दबाव डाला।
विवादों में यूं रहा मोहसिन खान का सफर
IIT Kanpur Sexual Exploitation Case: 2013 बैच के PPS अधिकारी मोहसिन खान को इस साल 15 अगस्त को DGP ने सिल्वर मेडल से सम्मानित किया था। वह कानपुर में कलेक्टरगंज और साइबर क्राइम सेल के ACP के रूप में तैनात थे। IIT कानपुर से साइबर क्राइम और क्रिमिनोलॉजी में PHD करने के दौरान उनकी मुलाकात स्कॉलर से हुई थी। इस मामले के बाद उनकी PHD की NOC रद्द कर दी गई और IIT ने उनका दाखिला भी रद्द कर दिया।
