IFS विपिन पटेल इस्तीफा: मध्यप्रदेश वन विभाग से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। जबलपुर में पदस्थ आईएफएस अधिकारी विपिन पटेल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वर्ष 2013 बैच के अधिकारी पटेल कार्यआयोजना शाखा की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
IFS विपिन पटेल इस्तीफा: 12 साल की सेवा और फिर इस्तीफा
करीब 12 साल की सेवा के बाद अचानक दिया गया यह इस्तीफा अब प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। बताया जा रहा है कि इस्तीफे के पीछे प्रशासनिक प्रताड़ना के साथ-साथ वरिष्ठ अधिकारियों से मतभेद भी बड़ी वजह रहे। खास तौर पर केन्या एवं वर्किंग प्लान के प्रमुख मनोज अग्रवाल से मतभेदों की बात सामने आ रही है।
IFS विपिन पटेल इस्तीफा: 4 फरवरी को भेजा गया इस्तीफा
विपिन पटेल ने 4 फरवरी 2026 को अपना इस्तीफा भेजा है। इसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से लिखा है कि उनका त्यागपत्र सक्षम प्राधिकारी को अग्रेषित किया जाए और उन्हें आईएफएस सेवा से मुक्त किया जाए। इस्तीफे की प्रति वन विभाग के सचिव को भी भेजी गई है. इस्तीफे में पटेल ने अपनी वर्तमान पदस्थापना के साथ-साथ रीवा, दमोह, सतना और अनूपपुर में किए गए अपने पूर्व कार्यकाल का भी उल्लेख किया है। साथ ही सहयोगी अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार जताते हुए सेवा से अलग होने की इच्छा जाहिर की है।
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पुराने विवाद भी आए सामने
विपिन पटेल का नाम पहले भी कुछ विवादों से जुड़ चुका है। अनूपपुर में डीएफओ रहते हुए विनियर मशीन की स्थापना को लेकर मामला काफी सुर्खियों में रहा था। नियमों के उल्लंघन का हवाला देते हुए मशीन की अनुमति निरस्त की गई थी, जिस पर उनसे जवाब भी तलब किया गया था. इस संबंध में 6 अगस्त 2025 को जारी किया गया स्पष्टीकरण पत्र अब इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया और विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप्स में वायरल हो रहा है। इतना ही नहीं, इस मामले को लेकर सागर लोकायुक्त पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी।
विभाग ने क्या कहा?
इस्तीफे को लेकर वन बल प्रमुख वीएन अंबाड़े ने कहा है कि वास्तविक कारण जानने के लिए संबंधित सीसीएफ को विपिन पटेल से चर्चा करने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय स्तर पर अब पूरे मामले की पड़ताल की जा रही है. फिलहाल, एक वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी का इस तरह सेवा से अलग होना न सिर्फ वन विभाग बल्कि पूरी प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है, और अंदरखाने फैले असंतोष की ओर भी इशारा करता है।
