ias deepak saxena: बैंक की नौकरी छोड़ IAS बने दीपक सक्सेना
ias deepak saxena: कभी बैंक की नौकरी में रोज़ घंटों फाइलें चेक करने वाले दीपक सक्सेना आज मध्यप्रदेश के नए जनसंपर्क आयुक्त हैं। उनकी कहानी किसी फिल्म से कम नहीं लगती सुरक्षित नौकरी छोड़ना, सिविल सेवा में पहले ही प्रयास में सफल होना, निजी जीवन में दर्दनाक झटका झेलना और फिर भी हार न मानना। और सबसे बड़ी बात, उन्होंने उस सिस्टम को चुनौती दी जो सालों से “शिक्षा माफिया” के नाम पर आम लोगों की जेब पर डांका डाल रहा था।
बचपन से ही अलग सोच
गुना में जन्मे दीपक बचपन से ही गणित में तेज थे। उनके दोस्त कहते हैं कि वे हर खेल को कैलकुलेशन में बदल देते थे। उन्होंने गणित से एमएससी की और फिर बैंक में नौकरी जॉइन कर ली। लेकिन ज्यादा दिन उनको रोक नहीं सका।
वे खुद कहते हैं –
जब रोज़-रोज़ एक जैसी फाइलें देखता था तो लगता था कि जिंदगी किसी और मकसद के लिए बनी है। तभी ठान लिया कि अब कुछ ऐसा करूंगा जिससे लोगों की जिंदगी पर असर पड़े।
सिविल सेवा की राह
उन्होंने MPPSC की तैयारी शुरू की और पहले ही प्रयास में सफल हुए। यह सिर्फ मेहनत नहीं थी, यह उनके जीवन के मकसद की जीत थी। धीरे-धीरे वे प्रदेश के उन अफसरों में गिने जाने लगे जो ईमानदारी और निडर फैसलों के लिए पहचाने जाते हैं ।
निजी जीवन की सबसे बड़ी परीक्षा
जिंदगी ने भी उन्हें परखा। दिल्ली में उनका बेटा अमोल हीट स्ट्रोक के कारण दुनिया छोड़ गया। यह किसी भी माता-पिता के लिए सबसे बड़ा सदमा होता है। लेकिन दीपक जी ने खुद को टूटने नहीं दिया।
उन्होंने कहा
“अमोल को खोने के बाद मैंने खुद से वादा किया कि अब जो भी करूंगा, वो जनता के भले के लिए करूंगा। अगर मैं टूट जाता, तो यह उसके सपनों के साथ विश्वासघात होता।”

शिक्षा माफिया पर सर्जिकल स्ट्राइक
जबलपुर कलेक्टर के रूप में उन्होंने वह कदम उठाया जिससे पूरा प्रदेश हिल गया। उन्होंने किताब, ड्रेस और फीस फिक्सिंग के खेल का पर्दाफाश किया। 65 से ज्यादा प्राइवेट स्कूलों पर कार्रवाई हुई और कई को अभिभावकों के करोड़ों रुपये वापस करने पड़े।
लोगों ने इसे
“शिक्षा माफिया पर सर्जिकल स्ट्राइक” कहा।
अभिभावकों की आंखों में पहली बार राहत दिखी। वह भी किसी अधिकारी की वजह से।
नई भूमिका, नई उम्मीदें
अब जब वे मध्यप्रदेश के जनसंपर्क आयुक्त बने हैं, लोगों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं। वे पारदर्शी संवाद, जनहित की योजनाओं को सही तरीके से जनता तक पहुंचाने और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए जाने जाते हैं।
सोशल मीडिया पर लोकप्रिय चेहरा
दीपक सक्सेना आज सोशल मीडिया पर भी युवाओं के रोल मॉडल बन चुके हैं। ट्विटर पर उनके फैसलों को लेकर मीम्स बनते हैं, लेकिन ज्यादातर लोग उन्हें रियल लाइफ हीरो मानते हैं।
एक यूजर ने लिखा –
“ऐसे अफसर ही सिस्टम को सही दिशा दे सकते हैं। दीपक सर, सलाम है आपको।”
IAS दीपक सक्सेना से युवा पीढ़ी को सीख लेनी चाहिए…
जिंदगी चाहे जितनी मुश्किल हो, हार मानना विकल्प नहीं है।
उन्होंने दिखाया कि….
एक ईमानदार अफसर जनता के लिए कितना बड़ा बदलाव ला सकता है। उनका सफर हर उस लोगों के लिए प्रेरणा है जो सोचते हैं कि सिस्टम को बदलना असंभव है।
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