वाशिंगटन में हैदराबाद के युवाओं पर गोलीबारी
अमेरिका में एक और भारतीय छात्र की हत्या कर दी गई है। हैदराबाद के मूल निवासी रवि तेजा की वाशिंगटन डीसी में कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई है। कहा जा रहा था कि हमलावर ने रवि पर गोली चलाई थी। रवि मास्टर डिग्री की पढ़ाई के लिए 2022 में अमेरिका गए थे। भारतीय छात्र की हत्या ऐसे दिन हुई है जब डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं।
एक साल में करीब एक दर्जन भारतीय छात्रों की मौत
हाल के वर्षों में अमेरिका में कई भारतीय छात्रों की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या या मौत हो गई है। अकेले साल 2024 में ही ऐसी करीब एक दर्जन घटनाएं सामने आ चुकी हैं। आंध्र प्रदेश के रहने वाले गोपीकृष्ण की 21 जून को एक किराने की दुकान में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। नवंबर की शुरुआत में तेलंगाना के खम्मम जिले में एक युवक की हत्या कर दी गई थी। 22 साल का तेजा कुनारपु गैस स्टेशन पर काम करता था। यहां बदमाशों ने उसे गोली मार दी।

क्लीवलैंड में अराफात मृत पाए गए थे
अप्रैल में 25 वर्षीय मोहम्मद अब्दुल अराफात क्लीवलैंड शहर में मृत पाए गए थे। वह आईटी में मास्टर्स की पढ़ाई करने के लिए अमेरिका गए थे। इन घटनाओं की वजह से अमेरिका में पढ़ने और काम करने वाले भारतीय छात्रों में डर का माहौल है। वे अपनी सुरक्षा को लेकर मानसिक तनाव में हैं। 2 फरवरी, 2024 को ओहियो में भारतीय छात्र श्रेयस की मौत हो गई। मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है। श्रेयस की मौत के बारे में जानकारी देते हुए न्यूयॉर्क स्थित भारतीय दूतावास ने कहा, ‘श्रेयस रेड्डी बेनिगर बिजनेस की पढ़ाई कर रहे थे।
भारतीय छात्र नील आचार्य का निधन
28 जनवरी, 2024 को भारतीय छात्र नील आचार्य की अमेरिका के इंडियाना में मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उन्हें 28 जनवरी को सुबह 11:30 बजे पर्ड्यू विश्वविद्यालय परिसर में एक शव की मौजूदगी के बारे में सूचना मिली। इसके बाद पुलिस ने नील की मौत की पुष्टि की। वह 12 घंटे से लापता था।
