kasganj family Suicide: उत्तर प्रदेश के कासगंज से डरावनी खबर सामने आई है। कासगंज के अमापुर थाना इलाके में नगला भोजराव में रहने वाले एक परिवार के सभी सदस्यों ने एक साथ अपनी जान दे दी। परिवार में 50 साल के श्यामवीर फौजी, उनकी 48 वर्षीय पत्नी रामश्री, 12 साल की बेटी प्राची, 10 साल की बेटी अमरवती और 9 साल का बच्चा गिरीश थे।
किराए के घर में रहता था परिवार
13 साल पहले श्यामवीर की शादी नगला वादिक निवासी रामश्री से हुई थी। श्यामवीर अपने भाइयों के साथ वेल्डिंग की दुकान चलाता था, लेकिन बाद में अलग हो गया था। 8 साल पहले वह अमांपुर आकर रहने लगा था। यहां पेट्रोल पंप के पीछे किराये पर एक कमरा लेकर अपने परिवार के साथ रहता था। वह वेल्डिंग का काम करता था। उसके घर में 2 रूम थे। आगे वाले में दुकान थी, जबकि पीछे 10×10 के एक छोटे से कमरे में पूरा परिवार रहता था।
kasganj family Suicide: 3 दिन से घर था बंद
पड़ोसियों के मुताबिक, घटना का पता उस वक्त चला, जब शनिवार शाम को एक युवक शादी का कार्ड देने घर आया। उसने दरवाजा खटखटाया और काफी देर तक बुलाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उसने आसपास के लोगों से पूछा। तब पता चला कि घर में पिछले 3 दिनों से कोई हलचल नहीं है। शक के आधार पर पड़ोसियों ने पुलिस को जानकार दी।
हत्या कर की खुदखुशी
सूचना पर पहुंची पुलिस ने छैनी-हथौड़े से लोहे का दरवाजा काटकर घर के अंदर प्रवेश किया। अंदर पति का शव फंदे से लटका हुआ था। तीनों बच्चों के शव बेड पर थे। उसके नीचे फर्श पर पत्नी का शव पड़ा हुआ था। तीनों बच्चों के मुंह से झाग निकल रहा था। बताया जा रहा है कि पति ने बच्चों को जहर दिया फिर पत्नी का गला काट दिया इसके बाद खुध पंखे से लटक गया। रविवार को परिवार का अंतिम संस्कार हुआ। पति-पत्नी को एक ही चिता पर जलाया गया। जबकि तीनों बच्चों को दफनाया गया।
आर्थिक तंगी से परेशान
DIG प्रभाकर चौधरी ने बताया कि घटना के पीछे आर्थिक तंगी को वजह हो सकती है। मामले की जांच जारी है। पड़ोसियों के मुताबिक, परिवार बेटे की न्यूरो समस्या से परेशान था। घर के अंदर का नजारा देखकर लग रहा था कि कई दिनों से चूल्हा नहीं जला था। वहां कोई बर्तन भी नहीं थे। परिजनों ने बताया कि श्यामवीर के बेटे गिरीश को सिर की नस से जुड़ी बीमारी थी। इस कारण उसके इलाज में काफी खर्च हो रहा था। कुछ दिन पहले ही उसने पड़ोसी से 1000 रुपए उधार लिए थे। उसने लोगों से आर्थिक मदद भी मांगी थी, लेकिन परिवार ने मदद नहीं की। जिससे वह मानसिक रूप से परेशान था।
